असम के जोरहाट में एयरफोर्स का AN-32 बना आग का गोला! 5 जवान शहीद, एक पायलट गंभीर

0
199

Assam AN-32 Aircraft Crash:असम के जोरहाट में भारतीय वायुसेना का AN-32 विमान शनिवार को दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दुखद हादसे में वायुसेना के पांच जवानों ने देश की सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया, जबकि को-पायलट का उपचार जारी है। शहीदों में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम शामिल हैं। भारतीय वायुसेना ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। वहीं हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

असम AN-32 विमान हादसा ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। असम के जोरहाट में भारतीय वायुसेना का AN-32 परिवहन विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के समय विमान में आग लग गई, जिसके बाद एयरबेस पर मौजूद फायर ब्रिगेड और आपातकालीन टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया।गंभीर

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार असम AN-32 विमान हादसा उस समय हुआ जब विमान जोरहाट एयरबेस पर उतर रहा था। बताया जा रहा है कि विमान निर्धारित लैंडिंग स्ट्रिप तक नहीं पहुंच पाया और ऊबड़-खाबड़ इलाके में उतर गया। इसी दौरान विमान में आग लग गई और वह दो हिस्सों में टूट गया।

वायुसेना ने जारी किया आधिकारिक बयान
भारतीय वायुसेना ने असम AN-32 विमान हादसा को लेकर आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि जोरहाट में उनका AN-32 विमान दुर्घटना का शिकार हुआ है। फिलहाल हादसे से जुड़ी अन्य जानकारियों का इंतजार किया जा रहा है। विमान में मौजूद लोगों की संख्या और उनकी स्थिति को लेकर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी करेगी हादसे की जांच
इस गंभीर असम AN-32 विमान हादसा की असली वजह जानने के लिए वायुसेना ने कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी बनाने का फैसला लिया है। जांच टीम यह पता लगाएगी कि लैंडिंग के दौरान तकनीकी खराबी, मौसम या किसी अन्य कारण से यह दुर्घटना हुई।

राहत और बचाव टीम ने तुरंत संभाला मोर्चा
हादसे के बाद असम AN-32 विमान हादसा स्थल पर एयरबेस की फायर ब्रिगेड और आपातकालीन दल को तुरंत सक्रिय किया गया। टीम ने तेजी से आग बुझाने का काम किया और पूरे इलाके को सुरक्षित किया। अधिकारियों ने घटना स्थल की जांच भी शुरू कर दी है।

भारतीय वायुसेना में अहम भूमिका निभाता है AN-32
असम AN-32 विमान हादसा के बाद AN-32 विमान की सुरक्षा और इतिहास पर भी चर्चा तेज हो गई है। यह विमान भारतीय वायुसेना के प्रमुख परिवहन विमानों में शामिल है। इसका उपयोग सैनिकों की आवाजाही, जरूरी सामान पहुंचाने और विभिन्न सैन्य अभियानों में किया जाता है।

पहले भी कई बार हादसों का शिकार हो चुका है AN-32
जानकारी के अनुसार असम AN-32 विमान हादसा कोई पहला मामला नहीं है। वर्ष 1986 से अब तक AN-32 विमान से जुड़ी करीब 22 दुर्घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में इस बार के हादसे की जांच रिपोर्ट पर भी रक्षा विशेषज्ञों और देश की नजर बनी हुई है।

जांच रिपोर्ट से सामने आएगी हादसे की असली वजह
फिलहाल असम AN-32 विमान हादसा को लेकर कई सवाल बने हुए हैं। विमान में सवार लोगों की स्थिति, दुर्घटना का सही कारण और तकनीकी पहलुओं की पूरी जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ पाएगी। वायुसेना की कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी रिपोर्ट इस हादसे के पीछे की सच्चाई उजागर करेगी।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here