सिंगरौली। शासकीय अग्रणी महाविद्या लय बैढ़न और कन्या महाविद्यालय सिंगरौली में फर्नीचर और अन्य सामग्रियों की खरीद के लिए आमंत्रित निविदा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। निविदा में वर्ष 2023-24 का न्यूनतम 15 करोड़ टर्नओवर अनिवार्य किए जाने से प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. एमयू सिद्धिकी ने जेम पोर्टल के माध्यम से निविदा जारी की है। इसमें फर्नीचर, प्रिंटर, टीवी, इन्वर्टर, किताबें, जिम एवं स्पोर्ट्स आइटम्स जैसी सामग्री शामिल हैं। निविदा की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर शाम 5 बजे तक निर्धारित की गई है।
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हालांकि जेम पोर्टल पर ये सभी सामग्री उपलब्ध हैं, फिर भी निविदा में विशेष टर्नओवर शर्त रखी गई है। इससे स्थानीय और अन्य संभावित निविदाकारों में असंतोष है। चर्चा है कि इससे किसी चहेते सप्लायर को लाभ पहुंचाया जा सकता है, क्योंकि पूर्व वर्ष में भी इसी सप्लायर ने महाविद्यालय को सामग्री सप्लाई की थी।
सामग्री रिसिविंग अधिकारी की पदस्थापना विवादित
निविदा में गुलाम मोहिउद्दीन को परेषिती/रिपोर्टिंग अधिकारी के रूप में नामित किया गया है, जिनका वर्तमान पदस्थापन सीधी में है। इससे निविदा प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। संभावित निविदाकार पूछ रहे हैं कि सीधी के अधिकारी का नाम बैढ़न-सिंगरौली निविदा में क्यों शामिल किया गया।
निविदाकारों में टेंशन
निविदा में वर्ष 2023-24 का 15 करोड़ का टर्नओवर अनिवार्य करने से कई निविदाकार चिंतित हैं। सूत्रों के अनुसार यह टर्म संभवतः किसी चहेते सप्लायर को लाभ पहुंचाने के लिए रखा गया है, जिससे अन्य निविदाकार तकनीकी कारणों से बाहर हो सकते हैं।
स्थानीय लोग और संभावित सप्लायर अब महाविद्यालय की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि यह विवाद कितना गंभीर है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।











