कोंडागांव। जिला कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना के मार्गदर्शन में शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र कोपाबेड़ा में तीन दिवसीय मछली पालन तकनीकी उन्नयन प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के साथ ही झींगा पालक मत्स्य कृषकों को मछली बीज का वितरण भी किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृषकों को मछली पालन से संबंधित तकनीकी ज्ञान, तालाब की तैयारी, मछली बीज का चयन, संचयन विधि, मत्स्य आहार का उपयोग और प्रबंधन तकनीक के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य कृषकों को आधुनिक विधियों से मछली पालन के लिए प्रेरित करना, उनकी आय में वृद्धि करना और ग्रामीण आजीविका में सुधार लाना है।
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छत्तीसगढ़ शासन मछली पालन विभाग द्वारा बस्तर संभाग में झींगा पालन को बढ़ावा देने के लिए पायलट प्रोजेक्ट लागू किया गया है, जिसे संभाग के सात जिलों में लागू किया गया है। इसी योजना के तहत कोंडागांव जिले में प्रथम चरण में चयनित 30 कृषकों को 07 अक्टूबर से 09 अक्टूबर तक तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में मछली बीज वितरित किया गया।
झींगा, जिसे सामान्य रूप से फ्रेश वाटर झींगा, चिंगड़ी या प्रान्स के नाम से जाना जाता है, उच्च प्रोटीन और बेहतर बाजार भाव के कारण औसतन 400 से 500 रुपये प्रति किलो में बिकता है।
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इस कार्यक्रम में जिला पंचायत के उपाध्यक्ष हीरासिंह नेताम, जिला पंचायत सदस्य नंदलाल राठौर, जनपद अध्यक्ष कोंडागांव श्रीमती अनीता कोर्रम, जनपद उपाध्यक्ष टोमेन्द्र सिंह ठाकुर, जनपद सदस्य एवं कृषि सभापति श्रीमती बिमला बघेल, मछली पालन विभाग के उप संचालक एम. एल. राणा, सहायक मत्स्य अधिकारी योगेश कुमार देवांगन, और मत्स्य निरीक्षक सुश्री अस्मिता एवं सुश्री नोमेश्वरी दीवान उपस्थित रहे।











