World Heart Day 2025 : दुनियाभर में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। यह सिर्फ उम्रदराज़ या बीमार लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि युवा और स्वस्थ दिखने वाले लोग भी इस खतरे से अछूते नहीं हैं। वर्ल्ड हार्ट डे 2025 पर एक्सपर्ट्स ने बताया कि अस्वस्थ जीवनशैली, मानसिक तनाव, धूम्रपान, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी परिस्थितियां दिल के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं।
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World Heart Day 2025 : विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, हर साल करीब 1.8 करोड़ लोग हार्ट संबंधी समस्याओं के कारण दुनिया भर में अपनी जान गंवाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जंक फूड का अत्यधिक सेवन, शारीरिक गतिविधियों की कमी और नींद की कमी भी दिल की सेहत पर बुरा असर डालती हैं। इसके अलावा परिवार में हार्ट डिजीज का इतिहास होना हार्ट अटैक के जोखिम को कई गुना बढ़ा देता है।
हार्ट अटैक के शुरुआती संकेत:
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सीने में दबाव या जकड़न
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बाएं हाथ, गर्दन या जबड़े में दर्द
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सांस फूलना और पसीना आना
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चक्कर आना या कमजोरी
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महिलाओं में पीठ या पेट में दर्द, मतली और असामान्य थकान
सबसे अधिक जोखिम वाले लोग:
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उम्रदराज़ लोग: उम्र बढ़ने के साथ नसों में फैट जमना और ब्लड फ्लो में रुकावट का खतरा बढ़ता है।
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हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज़ वाले मरीज: हार्ट पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
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धूम्रपान और शराब का सेवन करने वाले: ब्लड फ्लो में बाधा आती है।
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मोटापे से ग्रस्त लोग: अतिरिक्त फैट हार्ट अटैक का बड़ा जोखिम है।
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परिवार में हार्ट डिजीज का इतिहास: जेनेटिक कारणों से खतरा बढ़ जाता है।
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तनाव और सुस्त लाइफस्टाइल वाले: मानसिक तनाव और शारीरिक निष्क्रियता भी जोखिम बढ़ाती है।
बचाव के उपाय:
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रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक या एक्सरसाइज करें।
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हेल्दी और कम फैट वाली डाइट अपनाएं।
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धूम्रपान और शराब से बचें।
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ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच करवाएं।
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तनाव कम करने के लिए मेडिटेशन और पर्याप्त नींद लें।
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परिवार में हार्ट डिजीज का इतिहास होने पर नियमित हार्ट चेकअप करवाएं।
विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते सावधानी और जीवनशैली में बदलाव करके हार्ट अटैक के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।











