निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले में किडनी से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। जिला अस्पताल के डायलिसिस सेंटर के आंकड़े इस गंभीर स्थिति की ओर इशारा कर रहे हैं। मार्च 2026 तक ही 1300 से अधिक डायलिसिस सेशन किए जा चुके हैं, जबकि हर महीने औसतन 450 से ज्यादा मरीजों को डायलिसिस की जरूरत पड़ रही है। यह स्थिति जिले में स्वास्थ्य संकट के संकेत दे रही है।
बीपी-शुगर और दवाओं का गलत इस्तेमाल बना कारण
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के मरीजों की लापरवाही किडनी फेलियर का प्रमुख कारण बन रही है। कई लोग बिना नियमित जांच कराए लंबे समय तक एक ही दवा लेते रहते हैं। इसके अलावा बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर और एंटीबायोटिक लेने की आदत भी किडनी पर गंभीर असर डाल रही है।
युवाओं में भी बढ़ रहा खतरा
पहले जहां किडनी रोग बुजुर्गों में अधिक देखा जाता था, वहीं अब 20 से 50 वर्ष के युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। डॉक्टरों का मानना है कि शराब, तंबाकू, नशे की आदत, जंक फूड और अनियमित दिनचर्या इस खतरे को बढ़ा रहे हैं।
साल-दर-साल बढ़ते डायलिसिस के मामले
जिले में हर साल डायलिसिस की संख्या बढ़ रही है:
- 2023: 3820 सेशन
- 2024: 4668 सेशन
- 2025: 5204 सेशन
- 2026 (मार्च तक): 1300+ सेशन
पिछले 6 महीनों के आंकड़े भी स्थिति की गंभीरता को दर्शाते हैं, जहां हर महीने 400 से ज्यादा केस सामने आ रहे हैं।
‘साइलेंट किलर’ है किडनी रोग
जिला अस्पताल के विशेषज्ञ डॉ. जोसफ सुलिया के अनुसार किडनी की बीमारी को “साइलेंट किलर” कहा जाता है, क्योंकि इसके लक्षण तब सामने आते हैं जब किडनी 60-70% तक खराब हो चुकी होती है। ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज और खुद दवा लेना स्थिति को और खतरनाक बना रहा है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
- शरीर में सूजन
- पेशाब में बदलाव
- भूख कम लगना
- लगातार कमजोरी
समय रहते जांच और इलाज बेहद जरूरी है।
कैसे करें बचाव?
- बिना डॉक्टर की सलाह दवा न लें
- बीपी और शुगर को नियंत्रित रखें
- नियमित हेल्थ चेकअप कराएं
- नशे और जंक फूड से दूरी बनाएं
- लक्षण दिखते ही विशेषज्ञ से संपर्क करें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी
अगर समय रहते लोग सतर्क नहीं हुए, तो आने वाले वर्षों में बड़वानी में किडनी रोग एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बन सकता है। जागरूकता और नियमित जांच ही इस गंभीर बीमारी से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।









