सिंगरौली: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता राजेश ‘रज्जू’ तिवारी ने जिला उपाध्यक्ष पद से त्यागपत्र देकर संगठन में हलचल मचा दी है। हाल ही में उन्हें उपाध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया था, जबकि पार्टी में चर्चा थी कि उन्हें महामंत्री बनाया जाएगा। अपेक्षा से कम जिम्मेदारी मिलने के कारण उन्होंने यह कदम उठाया और सबको चौंका दिया।
रज्जू तिवारी ने सिंगरौली में भाजपा को मजबूत करने और विधायकों को खड़ा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके इस्तीफे ने पार्टी के भीतर शक्ति संतुलन और असंतोष की नई तस्वीर पेश की है।
मुख्य बिंदु:
- रज्जू तिवारी को जिला उपाध्यक्ष बनाया गया, जबकि उन्हें महामंत्री बनाए जाने की उम्मीद थी।
- इस्तीफे का औपचारिक कारण: “निजी और पारिवारिक कारण”
- राजनीतिक गलियारों में इसे स्वाभिमान की लड़ाई और वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा के खिलाफ कदम माना जा रहा है।
- भाजपा संगठन अब इस इस्तीफे को कैसे संभालेगी और रज्जू तिवारी की भूमिका आगे क्या होगी, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।
यह कदम भाजपा सिंगरौली में नई बगावत और आंतरिक खींचतान की आशंका को बढ़ा रहा है।











