Hartalika Teej 2025 : आज देशभर में बड़े उत्साह और आस्था के साथ हरतालिका तीज का पर्व मनाया जा रहा है। इसे कई जगहों पर तीजा के नाम से भी जाना जाता है। यह व्रत भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी भक्ति और समर्पण से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार किया। तभी से यह व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत विशेष माना जाता है।
Hartalika Teej 2025 : व्रत और महत्व
इस दिन विवाहित महिलाएं निर्जला उपवास रखती हैं और भगवान शिव-पार्वती की पूजा कर अपने पति की लंबी आयु और वैवाहिक सुख की कामना करती हैं। महिलाएं सजधजकर हाथों में मेहंदी, पैरों में अल्ता और सुहाग सामग्री से सोलह श्रृंगार करती हैं।
पूजा विधि
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सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
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मिट्टी या बालू की रेत से भगवान शिव-पार्वती और गणेश जी की मूर्ति बनाकर पूजन करें।
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शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, अक्षत, चंदन और पुष्प अर्पित करें।
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कथा सुनें और रात्रि जागरण कर भजन-कीर्तन करें।
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अगले दिन प्रातः व्रत का पारण करें।
शुभ मुहूर्त
इस बार हरतालिका तीज की पूजा का शुभ मुहूर्त 26 अगस्त 2025 को शाम 6:43 से रात 9:11 बजे तक रहेगा। इस समय में शिव-पार्वती की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।
कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, हिमवान की पुत्री पार्वती भगवान शिव को पति रूप में पाना चाहती थीं। नारद मुनि ने उनका विवाह विष्णु से कराने का प्रस्ताव रखा, लेकिन पार्वती जी अपनी सखी के साथ जंगल में चली गईं और कठोर तपस्या करने लगीं। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी रूप में स्वीकार किया। तभी से यह व्रत हरतालिका तीज कहलाया और पति की लंबी आयु तथा अखंड सौभाग्य की कामना के लिए महिलाएं इसे करती हैं।
मंत्र
पूजन के समय महिलाएं विशेष रूप से यह मंत्र जप करती हैं –
“ॐ गौरी शंकराय नमः”













