CM Sai Big statement : रायपुर। छत्तीसगढ़ में साय मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर सियासी सरगर्मी अपने चरम पर है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्यपाल रमेन डेका के हालिया बयानों ने जनता और राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बढ़ा दी है। राज्यपाल डेका ने संकेत दिए, “कुछ तो होने वाला है,” वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि “राज्यपाल के बयान के बाद कल कुछ बड़ा होने वाला है।” मुख्यमंत्री साय ने भी संकेत दिया, “आप लोगों के इंतजार की घड़ी पूरी हो रही है। जल्द ही बड़ा फैसला सामने आएगा।”
CM Sai Big statement : मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारियां अंतिम चरण में
राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। रेड कार्पेट बिछाने से लेकर गणमान्य व्यक्तियों की सूची तैयार की जा चुकी है। नए मंत्रियों के लिए तीन सफेद फॉर्च्यूनर गाड़ियां भी तैयार हैं, जिनमें से दो गाड़ियां CG 02 AF 0009 और CG 02 AV 0005 तैयार हो चुकी हैं, जबकि तीसरी गाड़ी फिलहाल ट्रायल पर है।
संभावित नए मंत्रियों के नाम
सूत्रों के अनुसार, अगले मंत्रिमंडल में अंबिकापुर से राजेश अग्रवाल, आरंग से गुरू खुशवंत सिंह और दुर्ग से गजेंद्र यादव शामिल हो सकते हैं। इससे पहले चर्चा में अमर अग्रवाल, पुरंदर मिश्रा और राजेश मूणत के नाम थे, लेकिन अंतिम दौर में इनकी स्थिति बदल गई।
CM Sai Big statement
हरियाणा मॉडल लागू होने की संभावना
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, हरियाणा मॉडल को छत्तीसगढ़ में भी लागू किया जा सकता है। हरियाणा में 90 विधायकों के साथ मुख्यमंत्री समेत 14 मंत्री बनाए गए थे। छत्तीसगढ़ में भी कुल 90 विधायक हैं, लेकिन अब तक केवल 13 को ही मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। आगामी विस्तार में 3 नए मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है, जिससे कुल मंत्रियों की संख्या बढ़कर 14 हो जाएगी।
राजनीतिक और प्रशासनिक मायने
विशेषज्ञों का कहना है कि मंत्रिमंडल में शामिल मंत्रियों की संख्या राज्य के कुल विधायकों के अनुपात और राजनीतिक संतुलन पर निर्भर करती है। नियम के अनुसार किसी भी राज्य में कुल विधायकों का 15 प्रतिशत ही मंत्री पदों में शामिल किया जा सकता है। इस हिसाब से 90 विधायकों के साथ 13.5 मंत्री बनाए जा सकते हैं। इसलिए छत्तीसगढ़ में भी अब तक 13 मंत्रियों के स्थान पर 14 मंत्री बनाए जाने की संभावना है।
इस सियासी कसरत के बीच राज्य में अगले 24 घंटों में मंत्रिमंडल विस्तार के बड़े फैसले की प्रतीक्षा है, जो प्रदेश की राजनीतिक दिशा और सत्ता संतुलन दोनों पर असर डालेगा।









