Bilateral Trade Agreements : नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के लिए अगली बैठक में देरी होने की संभावना है। अमेरिका द्वारा भारत पर नए व्यापार शुल्क लगाने के बाद यह फैसला लिया गया है। इस महीने के अंत में होने वाली अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की नई दिल्ली यात्रा स्थगित हो गई है।
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व्यापार शुल्क और तनाव का कारण
यह स्थगन ऐसे समय में हुआ है जब दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ रहा है। अमेरिका ने 7 अगस्त से भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क लगाया हुआ है। इसके अलावा, भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल और सैन्य उपकरण खरीदने के कारण 27 अगस्त से एक और 25 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क लागू होने वाला है। इन शुल्कों से अमेरिका को होने वाले भारतीय निर्यात पर कुल शुल्क बढ़कर 50 प्रतिशत हो जाएगा।
अमेरिका लगातार भारत पर कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को खोलने का दबाव बना रहा है, लेकिन भारत सरकार ने इसे छोटे किसानों और पशुपालकों की आजीविका के लिए खतरा मानते हुए रियायतें देने से इनकार कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में ‘स्वदेशी’ उत्पादों को बढ़ावा देने का आग्रह किया था और किसानों के हितों की रक्षा करने का संकल्प लिया था।
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व्यापारिक संबंध और भविष्य के लक्ष्य
तनाव के बावजूद, दोनों देशों के बीच व्यापार में वृद्धि देखी गई है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जुलाई 2025 के दौरान अमेरिका को भारत का निर्यात 21.64 प्रतिशत बढ़कर 33.53 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया है। इस अवधि में अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा।
दोनों देशों ने 2025 की शरद ऋतु तक BTA के पहले चरण को पूरा करने और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। हालांकि, मौजूदा तनाव इन लक्ष्यों को प्रभावित कर सकता है।
हाल ही में, अलास्का में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच यूक्रेन विवाद पर चर्चा हुई है, जिससे यह उम्मीद जगी है कि वाशिंगटन-मॉस्को संबंधों में सुधार होने पर भारत पर लगे अतिरिक्त शुल्कों में नरमी आ सकती है।











