MP Bus Fare: भोपाल। मध्य प्रदेश में बस से सफर करने वाले यात्रियों को अब पहले से अधिक किराया देना होगा। राज्य सरकार ने विभिन्न श्रेणियों की बसों के किराए में 10 प्रतिशत से लेकर 75 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। परिवहन विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार संशोधित किराया 5 अगस्त 2026 से प्रभावी हो गया है। हालांकि, शहरों में संचालित सिटी बसों के किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है और उनका न्यूनतम किराया 10 रुपये ही रहेगा।
यह फैसला ऐसे समय आया है, जब प्रदेश के बस ऑपरेटर्स 7 अगस्त से प्रस्तावित हड़ताल की तैयारी कर रहे थे। सरकार के इस निर्णय को बस संचालकों की प्रमुख मांगों में से एक को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
किन बसों का कितना बढ़ा किराया?
परिवहन विभाग ने मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 67(1) के तहत संशोधित किराया लागू किया है। नई दरें इस प्रकार हैं—
- सामान्य मंजिली बस – ₹2 प्रति किलोमीटर
- रात्रिकालीन बस सेवा – सामान्य बस से 10% अधिक
- डीलक्स बस (नॉन एसी) – सामान्य बस से 25% अधिक
- स्लीपर बस – सामान्य बस से 40% अधिक
- डीलक्स बस (एसी) – सामान्य बस से 50% अधिक
- सुपर लग्जरी कोच (एसी) – सामान्य बस से 75% अधिक
सिटी बस यात्रियों को राहत
MP Bus Fare: सरकार ने स्पष्ट किया है कि सिटी बसों के किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। इनका न्यूनतम किराया पहले की तरह 10 रुपये ही रहेगा, जिससे शहरी यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
एक्सप्रेस बसों पर अतिरिक्त शुल्क नहीं
परिवहन विभाग ने एक्सप्रेस बस सेवा का उपयोग करने वाले यात्रियों को भी राहत दी है। आदेश में कहा गया है कि एक्सप्रेस बसों में यात्रियों से कोई अतिरिक्त प्रभार नहीं लिया जाएगा। इससे किराया व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी और बस संचालकों की मनमानी पर रोक लगेगी।
हड़ताल से पहले सरकार का बड़ा कदम
MP Bus Fare: प्रदेश के बस ऑपरेटर्स किराया वृद्धि सहित सात प्रमुख मांगों को लेकर 7 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की तैयारी में थे। इससे पहले सरकार और बस ऑपरेटरों के बीच बैठक हुई, जिसमें किराया संशोधन की मांग पर सहमति बनी। इसके बाद परिवहन विभाग ने नई किराया दरों का आदेश जारी कर दिया।
परिवहन आयुक्त को दिए गए अधिकार
MP Bus Fare: सरकार ने परिवहन आयुक्त को समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का अधिकार भी दिया है, ताकि भविष्य में आवश्यकता अनुसार किराया व्यवस्था और संचालन से जुड़े निर्णय लिए जा सकें।
नई किराया दरें लागू होने के बाद अब प्रदेशभर में बस यात्रियों को यात्रा की श्रेणी के अनुसार अधिक किराया चुकाना होगा, जबकि सरकार का दावा है कि इससे परिवहन व्यवस्था अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनेगी।




