MP Paneer Rules: MP में पनीर बेचने के नियम सख्त, अब बताना होगा शुद्ध पनीर है या एनालॉग; उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

Anuj Nirala

MP Paneer Rules: भोपाल। मध्य प्रदेश में अब रेस्टोरेंट, ढाबों, होटल, फूड स्टॉल और ठेला व्यवसायियों को ग्राहकों को स्पष्ट रूप से बताना होगा कि उनके यहां परोसा जा रहा खाद्य पदार्थ शुद्ध पनीर से बना है या चीज एनालॉग (Analog Cheese/Paneer) से। खाद्य सुरक्षा विभाग उपभोक्ताओं को सही जानकारी उपलब्ध कराने और पनीर के नाम पर होने वाली भ्रामक बिक्री पर रोक लगाने के लिए नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रहा है। नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

लेबलिंग करना होगा अनिवार्य

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार बाजार में मिलने वाला चीज एनालॉग पूरी तरह प्रतिबंधित उत्पाद नहीं है। यह भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी Food Safety and Standards Authority of India से स्वीकृत खाद्य उत्पाद है। लेकिन इसे शुद्ध पनीर बताकर बेचना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।

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नई व्यवस्था के तहत दुकानदारों, रेस्टोरेंट संचालकों और फूड विक्रेताओं को अपने प्रतिष्ठानों पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना होगा कि उपयोग किया जा रहा उत्पाद शुद्ध पनीर है या एनालॉग। इससे उपभोक्ता अपनी पसंद और जानकारी के आधार पर खाद्य पदार्थ खरीद सकेंगे।

क्या होता है चीज एनालॉग?

MP Paneer Rules: खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक शुद्ध पनीर केवल दूध से तैयार किया जाता है, जबकि चीज एनालॉग में दूध के साथ या उसकी जगह पाम ऑयल, सोयाबीन या अन्य वनस्पति वसा (Vegetable Fat) का उपयोग किया जा सकता है। दोनों उत्पाद खाने योग्य होते हैं, लेकिन उनकी गुणवत्ता, पोषण मूल्य और निर्माण प्रक्रिया अलग होती है।विशेषज्ञों का कहना है कि किसी उत्पाद को दूसरे के नाम पर बेचना उपभोक्ताओं को गुमराह करना है, इसलिए पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लेबलिंग आवश्यक बनाई जा रही है।

त्योहारी सीजन में जांच अभियान तेज

रक्षाबंधन, स्वतंत्रता दिवस, गणेशोत्सव और अन्य त्योहारों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष जांच अभियान शुरू कर दिया है। डेयरी उत्पादों जैसे मावा, दूध, घी और पनीर के नमूने लगातार लिए जा रहे हैं।जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवराज पावक के अनुसार बाजार में नियमित निरीक्षण जारी रहेगा और जहां भी नियमों का उल्लंघन मिलेगा, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

लाइसेंस निरस्त करने तक की कार्रवाई

MP Paneer Rules: हाल ही में विभाग ने कई स्थानों पर कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में संदिग्ध घी जब्त किया है। कुछ मावा भंडारों के लाइसेंस और पंजीकरण भी निरस्त किए गए हैं। एक्सपायरी या नियर-टू-एक्सपायरी खाद्य पदार्थ बेचने वालों पर भी कार्रवाई की जा रही है।

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अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि बिना उचित लेबलिंग के एनालॉग उत्पाद को पनीर बताकर बेचा गया, तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, जुर्माना और लाइसेंस निरस्तीकरण जैसी सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

उपभोक्ताओं को होगा फायदा

नई व्यवस्था लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को यह जानने का अधिकार मिलेगा कि वे जो पनीर आधारित व्यंजन खा रहे हैं, उसमें वास्तव में किस प्रकार के उत्पाद का उपयोग किया गया है। इससे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ेगी तथा भ्रामक बिक्री पर रोक लगेगी।

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