Tuesday, August 25, 2026
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Chhattisgarh Monsoon Update: बस्तर भीगा, रायपुर सूखा: छत्तीसगढ़ में अब भी सामान्य से 18% कम बारिश; अगले 4 दिन कई जिलों में बरसेगा पानी

Chhattisgarh Monsoon Update: रायपुर/मौसम डेस्क: दक्षिण-पश्चिम मानसून ने भले ही पूरे देश को अपनी आगोश में ले लिया है, लेकिन छत्तीसगढ़ में बदरा अभी भी उम्मीद के मुताबिक नहीं बरस रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) से प्राप्त विधिक आंकड़ों के अनुसार, इस मानसून सीजन में प्रदेश में अब तक सामान्य से 18 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि दक्षिण बस्तर के कुछ इलाकों में अच्छी झमाझम बारिश हुई है, लेकिन राजधानी रायपुर सहित अधिकांश मैदानी और मध्य जिलों में बारिश का आंकड़ा अभी भी सामान्य के विधिक स्तर से काफी नीचे बना हुआ है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है और कई जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।

पिछले 24 घंटे का मौसम और बारिश के आंकड़े

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के उत्तर और मध्य हिस्सों में बारिश की गतिविधियां काफी कमजोर रहीं, जिसके चलते लोगों को विधिक रूप से उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा। इसके विपरीत, दक्षिणी जिलों में मानसून सक्रिय रहा और वहां हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग द्वारा जारी प्रमुख विधिक आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • गंगालूर: 3 सेंटीमीटर

  • दंतेवाड़ा, करपावंड, पेण्ड्रा रोड, गीदम, लोहंडीगुडा और सकोला: 2-2 सेंटीमीटर

  • रेंगाखार कला, बस्तर, मरवाही, धानोरा, डोंगरगढ़, धबहारपुर और भैरमगढ़: 1-1 सेंटीमीटर

रायपुर में बढ़ी उमस, तापमान में उछाल

राजधानी रायपुर में गुरुवार को दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही, लेकिन मानसून की सक्रियता कम होने और पानी नहीं गिरने के कारण हवा में आर्द्रता (उमस) का स्तर काफी बढ़ गया। पिछले 24 घंटों में प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 33.1 डिग्री सेल्सियस रायपुर (माना) में दर्ज किया गया, जिसने लोगों को हलाकान किया। वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में रिकॉर्ड हुआ।

चक्रवाती परिसंचरण और द्रोणिका का प्रभाव

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में मानसून द्रोणिका (Monsoon Trough) उत्तर भारत से होते हुए उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके साथ ही, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के क्षेत्र में एक निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बना हुआ है, जिससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) ऊपरी वायुमंडल तक फैला है। हालांकि यह सिस्टम अगले 24 घंटों में धीरे-धीरे कमजोर पड़ सकता है, लेकिन इसका विधिक असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर अगले कुछ दिनों तक बना रहेगा। इसी वजह से प्रदेश के कई हिस्सों में खंड वर्षा (रुक-रुक कर बारिश) की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

शुक्रवार को राजधानी रायपुर में दिनभर बादल छाए रहने और कुछ विधिक क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है, जिससे अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

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