[Nishaanebaz News] Gwalior Crime: ग्वालियर। ग्वालियर में चलती ट्रेनों से यात्रियों के महंगे मोबाइल चोरी करने वाले एक शातिर गिरोह का GRP ने खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को पकड़ा है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। आरोपियों के कब्जे से 27 स्मार्टफोन और एक बाइक बरामद की गई है। पुलिस के मुताबिक, चोरी किए गए मोबाइल दिल्ली में खपाए जाते थे।
आरोपियों का वारदात को अंजाम देने का तरीका भी काफी शातिर था। ट्रेन जब ग्वालियर स्टेशन से आगे निकलती और बिरलानगर या एजी पुल के पास आउटर पर धीमी होती, तब आरोपी यात्रियों के मोबाइल पर हाथ साफ कर चलती ट्रेन से ही कूद जाते थे। इससे यात्रियों को चोरी का पता चलने से पहले ही आरोपी मौके से फरार हो जाते थे।
स्टेशन से ट्रेन में सवार होते थे आरोपी
GRP थाना प्रभारी दीपशिखा सिंह के अनुसार, गिरोह के सदस्य स्टेशन से ही ट्रेन में सवार हो जाते थे। ट्रेन के ग्वालियर से रवाना होने के बाद वे ऐसे यात्रियों की तलाश करते थे, जिनके पास महंगे मोबाइल फोन होते थे।आरोपी यात्रियों की नजर बचाकर मोबाइल निकाल लेते थे। इसके बाद ट्रेन के आउटर पर धीमी होने का इंतजार करते थे। ट्रेन जैसे ही रफ्तार कम करती, आरोपी चोरी किए गए मोबाइल लेकर नीचे कूद जाते और पहले से मौजूद बाइक की मदद से मौके से फरार हो जाते थे।
27 मोबाइल फोन बरामद, लाखों में बताई जा रही कीमत
GRP की कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से कुल 27 स्मार्टफोन बरामद हुए हैं। बरामद मोबाइलों की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा पुलिस ने एक बाइक भी जब्त की है, जिसका इस्तेमाल वारदात के बाद भागने में किया जाता था।पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन के वास्तविक मालिकों की जानकारी जुटा रही है। इसके लिए अलग-अलग थानों में दर्ज मोबाइल चोरी की शिकायतों से बरामद फोन का मिलान किया जा रहा है।
16 अगस्त की वारदात का भी खुलासा
पूछताछ में आरोपी संजय श्रीवास ने 16 अगस्त को बुंदेलखंड एक्सप्रेस के S-3 कोच में दो यात्रियों के मोबाइल चोरी करने की बात कबूल की है। इनमें ग्वालियर निवासी अभिषेक शर्मा का iPhone भी शामिल बताया गया है।पुलिस के मुताबिक, मोबाइल चोरी करने के बाद आरोपी ट्रेन के आउटर पर उतरकर मौके से फरार हो गया था। GRP अब इस वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है।
तीन आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
GRP ने मामले में पिंटो पार्क निवासी संजय श्रीवास, चंदनपुर बिरलानगर निवासी प्रीतेश उर्फ ओम राठौर और एक नाबालिग को पकड़ा है। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों का पूर्व में भी चोरी की घटनाओं में शामिल होने का रिकॉर्ड सामने आया है।पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं और चोरी किए गए मोबाइल किन लोगों को बेचे जाते थे।
दिल्ली में खपाते थे चोरी के मोबाइल
जांच में सामने आया है कि आरोपी चोरी किए गए मोबाइलों को दिल्ली में बेचते थे। इसके बाद GRP का फोकस उन लोगों तक पहुंचने पर है, जो चोरी के मोबाइल खरीदकर उन्हें आगे बेचते थे।पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपियों ने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है और अलग-अलग ट्रेनों में कितने यात्रियों को निशाना बनाया गया है।
यात्रियों को GRP की अपील
चलती ट्रेन में मोबाइल चोरी की घटनाओं को देखते हुए यात्रियों से भी सतर्क रहने की अपील की गई है। पुलिस का कहना है कि ट्रेन के दरवाजे और खिड़की के पास मोबाइल का इस्तेमाल करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। रात में सफर के दौरान मोबाइल और अन्य कीमती सामान को सुरक्षित रखना जरूरी है।फिलहाल GRP तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के आधार पर मोबाइल चोरी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और चोरी का माल खरीदने वालों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।





