Bear Attack Spreading Panic in CG: धमतरी/कांकेर। छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्रों में जंगली जानवरों और इंसानों के बीच संघर्ष की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। बुधवार को धमतरी जिले के मगरलोड थाना क्षेत्र और कांकेर जिले के मरकाटोला-लारगांव इलाके से भालू के घातक हमलों की दो अलग-अलग दिल दहला देने वाली घटनाएं सामने आईं।
धमतरी में जहाँ मशरूम (पुटू) की तलाश में जंगल गए दो ग्रामीण भालू के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए, वहीं कांकेर जिले में भालू के हमले से 2 ग्रामीणों की मौत हो गई और 1 अन्य घायल हुआ है।
धमतरी: मगरलोड के परसाबुड़ा जंगल में हमला
धमतरी जिले के मगरलोड थाना अंतर्गत उत्तर सिंगपुर वन परिक्षेत्र के परसाबुड़ा गांव स्थित कुंआनार जंगल में बुधवार तड़के करीब 5 बजे दो ग्रामीण अलग-अलग समय पर मशरूम तलाशने गए थे।
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अचानक हमला: जंगल में पहले से मौजूद भालू ने दोनों ग्रामीणों पर अचानक बारी-बारी से हमला कर दिया।
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ग्रामीणों ने बचाई जान: पीड़ितों की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह भालू को खदेड़ा।
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इलाज जारी: दोनों घायलों को तत्काल मगरलोड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है।

कांकेर: मादा भालू के हमले से 2 ग्रामीणों की दर्दनाक मौत
दूसरी तरफ, कांकेर जिले के मरकाटोला-लारगांव क्षेत्र में एक मादा भालू ने ग्रामीणों पर जानलेवा हमला कर दिया:
| क्षेत्र | हताहतों का ब्योरा | वर्तमान स्थिति |
| कांकेर (मरकाटोला) | 2 ग्रामीणों की मौत, 1 गंभीर रूप से घायल | क्षेत्र में सुरक्षा बल व वन टीम तैनात; मादा भालू की ट्रैकिंग जारी। |
| धमतरी (परसाबुड़ा) | 2 ग्रामीण गंभीर रूप से घायल | मगरलोड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार जारी। |
कांकेर की घटना के बाद स्थानीय निवासियों में वन विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली को लेकर भारी गुस्सा और आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बाद भी वन टीम समय पर नहीं पहुंची, जिसके कारण दो लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
वन विभाग की अपील और निगरानी
दोनों जिलों के प्रभावित इलाकों में वन विभाग की टीमों ने गश्त बढ़ा दी है और ट्रैकिंग की जा रही है।
वन अधिकारियों ने आसपास के सभी गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों से अपील की है कि जब तक भालू की लोकेशन ट्रेस नहीं हो जाती, तब तक कोई भी व्यक्ति अकेले या तड़के/देर शाम जंगल की ओर न जाए। गांव के आसपास सुरक्षा चौकसी बढ़ा दी गई है।




