MP Congress: भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने संगठन में बड़े बदलाव की दिशा में अहम कदम उठाते हुए प्रदेश की सभी विभागीय, प्रकोष्ठ और विभिन्न स्तर की संगठनात्मक इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। यह निर्णय नई दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद लिया गया। पार्टी का कहना है कि अब प्रदेश में संगठन का नए सिरे से पुनर्गठन किया जाएगा, ताकि आगामी 2028 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को मजबूत आधार दिया जा सके।
दिल्ली बैठक के बाद जारी हुआ आदेश
नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल की मौजूदगी में संगठन सृजन अभियान के तहत नियुक्त जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, संगठन सृजन अभियान के प्रभारी वामशी रेड्डी, वॉर रूम चेयरमैन शशिकांत सेंथिल सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने आदेश जारी करते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस के सभी विभागों, प्रकोष्ठों और विभिन्न स्तर की इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग करने की घोषणा की।
संगठन में होगा व्यापक पुनर्गठन
MP Congress: सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस अब प्रदेश संगठन को पूरी तरह नए ढांचे में तैयार करने की रणनीति पर काम कर रही है। निष्क्रिय पदाधिकारियों की जगह सक्रिय और जमीनी स्तर पर काम करने वाले नेताओं को जिम्मेदारी देने की तैयारी है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि संगठन गांव-गांव और बूथ स्तर तक मजबूत हो, ताकि 2028 के विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।
पचमढ़ी चिंतन शिविर और दतिया उपचुनाव का भी असर
बताया जा रहा है कि हाल ही में पचमढ़ी चिंतन शिविर और दतिया विधानसभा उपचुनाव के अनुभवों के बाद संगठन में बदलाव की जरूरत महसूस की गई। दतिया उपचुनाव के दौरान पार्टी के भीतर अनुशासनहीनता और कथित भीतरघात के आरोपों के बाद कांग्रेस ने सख्त रुख अपनाया था। इसी कड़ी में कुछ नेताओं पर कार्रवाई भी की गई थी।
किन इकाइयों को किया गया भंग
आदेश के तहत प्रदेश कांग्रेस के 40 से अधिक विभागों और प्रकोष्ठों को भंग कर दिया गया है। इनमें प्रमुख रूप से—
- अल्पसंख्यक कांग्रेस
- अनुसूचित जाति (SC) कांग्रेस
- आदिवासी कांग्रेस
- मीडिया विभाग
- अन्य विभाग एवं प्रकोष्ठ
को तत्काल प्रभाव से भंग किया गया है।
ये संगठन फिलहाल काम करते रहेंगे
MP Congress: हालांकि, कुछ प्रमुख संगठनात्मक इकाइयों को इस निर्णय से अलग रखा गया है। इनमें—
- मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC)
- जिला कांग्रेस कमेटियां
- युवा कांग्रेस
- महिला कांग्रेस
- सेवादल
- NSUI
अपना कार्य पूर्ववत जारी रखेंगी।
इसके अलावा उमंग सिंघार की अध्यक्षता वाली आदिवासी मामलों की समिति और प्रियव्रत सिंह के नेतृत्व वाली युवा मामलों की समिति भी फिलहाल कार्यरत रहेंगी।
2028 चुनाव पर कांग्रेस की नजर
MP Congress: राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस का यह फैसला केवल संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि 2028 विधानसभा चुनाव की रणनीति का हिस्सा है। पार्टी अब ऐसे नेताओं को जिम्मेदारी देना चाहती है, जो मैदान में सक्रिय रहकर संगठन को मजबूत करें और बूथ स्तर तक कांग्रेस की पकड़ को मजबूत बना सकें। आने वाले दिनों में प्रदेश कांग्रेस में नई नियुक्तियों और बड़े फेरबदल की संभावना भी जताई जा रही है।




