MP Crime:भारतेन्द्र सिंह बैंस\ मुंगावली। मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के मुंगावली में पिछले 26 वर्षों से फर्जी नाम और बदली हुई पहचान के साथ रह रहे हत्या और हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर मामलों के आरोपी को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी दिल्ली की अदालत से भगोड़ा घोषित था और लंबे समय से कानून की आंखों में धूल झोंककर सामान्य नागरिक की तरह जीवन बिता रहा था। दिल्ली क्राइम ब्रांच की कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
दिल्ली कोर्ट से घोषित था भगोड़ा
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान राजिंदर उर्फ राजिंदर सिंह यादव उर्फ राजेंद्र बारगी के रूप में हुई है। वह मूल रूप से गांधी नगर, गन्नौर (सोनीपत, हरियाणा) का निवासी है। दिल्ली के जनकपुरी थाना में दर्ज हत्या के प्रयास (धारा 307/34 IPC) समेत कई मामलों में वह आरोपी था। वर्ष 2008 में रोहिणी कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित किया था, जिसके बाद से वह लगातार फरार चल रहा था।
26 साल तक बदला नाम और जाति, किसी को नहीं हुई भनक
MP Crime: जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए न केवल नाम बदला, बल्कि जाति भी बदल ली। उसका वास्तविक नाम राजेंद्र बारगी था, लेकिन वह मुंगावली में राजेंद्र यादव बनकर रह रहा था। हैरानी की बात यह है कि वह करीब 26 वर्षों तक शहर में रहा, लेकिन उसकी असली पहचान का किसी को पता नहीं चल सका।
स्कूलों में स्पोर्ट्स टीचर और डॉक्टर बनकर करता रहा काम
आरोपी ने मुंगावली में कई वर्षों तक सामान्य नागरिक की तरह जीवन बिताया। जानकारी के अनुसार वह केंद्रीय विद्यालय सहित कई निजी स्कूलों में स्पोर्ट्स टीचर के रूप में कार्य कर चुका है। वहीं उसकी पत्नी स्वास्थ्य विभाग में नर्स है और आरोपी शुरुआती दिनों में खुद को डॉक्टर बताकर इलाज भी करता था। इस खुलासे के बाद उसके कार्यों और संपर्कों की भी जांच शुरू कर दी गई है।
कई राज्यों में बदलता रहा ठिकाना
MP Crime: दिल्ली क्राइम ब्रांच की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में अपनी पहचान बदलकर रह चुका है। उसके पास महाराष्ट्र का एक सुरक्षा गार्ड का पहचान पत्र भी मिला है, जिससे यह संकेत मिलता है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपनी लोकेशन और पेशा बदलता रहा।
शादी कर बसाया परिवार, दो बच्चों का पिता
पुलिस के अनुसार आरोपी ने शिवपुरी की एक महिला से शादी की थी, जो उस समय स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ थी। दंपति के एक बेटा और एक बेटी हैं। आरोपी ने स्थानीय स्तर पर पूरी तरह नई पहचान बनाकर परिवार बसाया और वर्षों तक किसी को अपने आपराधिक अतीत की भनक तक नहीं लगने दी।
अब होगी मददगारों और नेटवर्क की जांच
MP Crime: दिल्ली क्राइम ब्रांच आरोपी को ट्रांजिट प्रक्रिया के बाद अपने साथ दिल्ली ले गई है, जहां उसे अदालत में पेश किया जाएगा। स्थानीय पुलिस का कहना है कि अब यह भी जांच की जाएगी कि इतने वर्षों तक आरोपी को किसने संरक्षण दिया, फर्जी पहचान कैसे बनी और उसके दस्तावेज किस आधार पर तैयार हुए। मामले के अन्य पहलुओं की भी विस्तृत जांच जारी है।




