Trump Assassination Plot: ट्रंप हत्या की साजिश को लेकर सामने आई एक नई खुफिया रिपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल बढ़ा दी है। अमेरिकी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, इजरायल की खुफिया एजेंसियों ने अमेरिका को ऐसी जानकारी दी है, जिसमें दावा किया गया है कि ईरान की ओर से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को निशाना बनाने की योजना बनाई जा रही है। हालांकि इस दावे की अभी तक अमेरिकी एजेंसियों ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
ट्रंप हत्या की साजिश से जुड़ी रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली एजेंसियों ने अमेरिकी अधिकारियों को संभावित खतरे के बारे में सतर्क किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान की ओर से एक विशेष योजना पर काम किए जाने की आशंका जताई गई है। इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं। हालांकि अभी तक इस दावे के समर्थन में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
सीजफायर खत्म होने के बाद बढ़ा तनाव
ट्रंप हत्या की साजिश की चर्चा ऐसे समय में सामने आई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच हालिया संघर्षविराम समाप्त हो चुका है। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच फिर से तनाव बढ़ गया है। सैन्य गतिविधियों और सख्त बयानों ने यह संकेत दिया है कि दोनों देशों के रिश्ते पहले से अधिक तनावपूर्ण हो सकते हैं।
ट्रंप के हालिया बयान भी चर्चा में
ट्रंप हत्या की साजिश की खबर आने के बाद डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान भी चर्चा का विषय बन गए हैं। ट्रंप ने पहले कहा था कि ईरान ने समझौते की भावना का पालन नहीं किया और इसी कारण संघर्षविराम आगे जारी नहीं रखा जा सकता। उन्होंने यह भी कहा था कि वे खुद ईरान के निशाने पर हैं। हालांकि इन बयानों और खुफिया रिपोर्ट के बीच किसी आधिकारिक संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
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पुराने विवादों से जोड़ा जा रहा मामला
ट्रंप हत्या की साजिश के दावों को वर्ष 2020 की उस घटना से भी जोड़कर देखा जा रहा है, जब अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरान के कुद्स फोर्स कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी की मौत हुई थी। इसके बाद ईरान के कई नेताओं ने सार्वजनिक रूप से बदले की बात कही थी। विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा रिपोर्ट उसी पुराने तनाव की पृष्ठभूमि में सामने आई है।
क्या सचमुच बढ़ गया है खतरा?
ट्रंप हत्या की साजिश को लेकर फिलहाल कई सवाल बने हुए हैं। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने अभी तक सार्वजनिक रूप से इस रिपोर्ट की पुष्टि या खंडन नहीं किया है। इसलिए इन दावों को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। सुरक्षा मामलों के जानकारों का कहना है कि खुफिया सूचनाओं की जांच और पुष्टि के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है।
अमेरिका-ईरान रिश्तों पर असर
ट्रंप हत्या की साजिश की खबर ऐसे समय आई है, जब दोनों देशों के बीच बातचीत लगभग ठप मानी जा रही है। यदि ऐसे दावों की पुष्टि होती है तो इसका असर क्षेत्रीय सुरक्षा, कूटनीतिक संबंधों और वैश्विक राजनीति पर भी पड़ सकता है। वहीं अगर रिपोर्ट गलत साबित होती है, तब भी दोनों देशों के बीच अविश्वास और तनाव कम होता नहीं दिख रहा।
आगे क्या होगा?
ट्रंप हत्या की साजिश को लेकर दुनिया की नजर अब अमेरिकी जांच एजेंसियों और दोनों देशों की आधिकारिक प्रतिक्रियाओं पर टिकी है। आने वाले दिनों में यदि इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी सामने आती है तो इससे पूरे मामले की तस्वीर और साफ हो सकती है। फिलहाल यह मामला अंतरराष्ट्रीय राजनीति में सबसे चर्चित विषयों में शामिल हो गया है।







