Indore Lokayukta action: इंदौर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की एक बड़ी और सख्त कार्रवाई सामने आई है, जिसमें सहकारी संस्था के दो कर्मचारियों को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। यह पूरी कार्रवाई देपालपुर क्षेत्र के गौतमपुरा में की गई, जहां लोकायुक्त टीम ने पहले से योजना बनाकर जाल बिछाया और आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया।
Indore Lokayukta action: जानकारी के अनुसार, यह मामला किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लोन के रिन्यूअल से जुड़ा हुआ है। एक किसान ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके लोन को नवीनीकरण करने के बदले सहकारी संस्था के कर्मचारी उससे लगातार अवैध रूप से 20 हजार रुपये की मांग कर रहे थे। पीड़ित किसान को मजबूरी में रिश्वत की मांग स्वीकार करनी पड़ रही थी, लेकिन उसने इसकी सूचना लोकायुक्त को दे दी।
Indore Lokayukta action: शिकायत की पुष्टि के बाद लोकायुक्त टीम ने पूरी रणनीति बनाकर ट्रैप कार्रवाई की योजना तैयार की। तय योजना के अनुसार जैसे ही किसान ने आरोपियों को रिश्वत की रकम सौंपी, लोकायुक्त टीम ने तुरंत दबिश देकर दोनों कर्मचारियों को रंगे हाथों पकड़ लिया।
Indore Lokayukta action: गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अमन जोशी और रमेशचंद्र पंड्या के रूप में हुई है। दोनों को रिश्वत लेते हुए मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया, जिसके बाद पूरे कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी और हड़कंप की स्थिति बन गई। अन्य कर्मचारी भी अचानक हुई इस कार्रवाई से स्तब्ध रह गए।
Indore Lokayukta action: लोकायुक्त अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है और ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Indore Lokayukta action: इस घटना के बाद सहकारी संस्था की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं, खासकर तब जब किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर इस तरह की अवैध वसूली के आरोप सामने आए हैं।
Indore Lokayukta action: फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और लोकायुक्त टीम मामले की गहराई से जांच कर रही है कि कहीं इस तरह के और भी मामले तो नहीं जुड़े हुए हैं।
Indore Lokayukta action: यह कार्रवाई एक बार फिर यह साबित करती है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं और रिश्वतखोरी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।









