Rajya Sabha nomination controversy: राज्यसभा नामांकन से जुड़े ताज़ा विवाद को लेकर भाजपा महिला मोर्चा ने कांग्रेस पर तीखा पलटवार किया है। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी परांजपे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि यह मामला किसी भी तरह से “नारी सम्मान” से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से चुनावी प्रक्रिया, नियमों और संवैधानिक प्रावधानों के तहत लिया गया निर्णय है।
Rajya Sabha nomination controversy: अश्विनी परांजपे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस पूरे प्रकरण को राजनीतिक और भावनात्मक रंग देने की कोशिश कर रही है, ताकि जनता को भ्रमित किया जा सके। उन्होंने कहा कि जब मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त हुआ, तो कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाकर एक अलग ही दिशा देने का प्रयास किया, जबकि वास्तविकता यह है कि यह निर्णय नियमों के आधार पर लिया गया है।
Rajya Sabha nomination controversy: भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष ने आगे कहा कि कांग्रेस का इतिहास महिला संबंधी मामलों में हमेशा सवालों के घेरे में रहा है और पार्टी कई बार तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने की कोशिश करती रही है। उन्होंने एक पुराने तेलंगाना मामले का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता कुंभम शिवकुमार रेड्डी पर एक महिला कार्यकर्ता के उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप लगे थे।
Rajya Sabha nomination controversy: उन्होंने दावा किया कि उस समय तत्कालीन प्रभारी मीनाक्षी नटराजन ने पीड़िता का समर्थन करने के बजाय आरोपी का पक्ष लिया, जो कांग्रेस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
Rajya Sabha nomination controversy: अश्विनी परांजपे ने यह भी कहा कि कांग्रेस और उसके नेताओं का रवैया हमेशा से महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर संदिग्ध रहा है और वे अक्सर ऐसे मामलों को दबाने या मोड़ने का प्रयास करते रहे हैं।
Rajya Sabha nomination controversy: उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा कांग्रेस की याचिका खारिज किया जाना इस बात का प्रमाण है कि भाजपा द्वारा उठाई गई आपत्तियाँ पूरी तरह से कानूनी, संवैधानिक और सही थीं।
Rajya Sabha nomination controversy: अंत में उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह हर संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक हथियार बनाकर जनता को भ्रमित करने का काम करती है, जबकि असल मुद्दा केवल नियमों और प्रक्रिया का पालन है।
Rajya Sabha nomination controversy: इस पूरे विवाद ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है और दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है।









