CG Cabinet Meeting: रायपुर। छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में मंगलवार (26 मई 2026) को होने वाली साय कैबिनेट की उच्च स्तरीय बैठक को लेकर सरगर्मी अचानक तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित महानदी भवन (मंत्रालय) में शाम 6 बजे आयोजित होने वाली इस बैठक में राज्य के विकास, अधोसंरचना और जनहित से जुड़े कई अत्यंत महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर गहन विधिक विमर्श होने की संभावना है। राज्य में वर्तमान में संचालित ‘सुशासन तिहार’ की गतिविधियों के बीच बुलाई गई इस कैबिनेट बैठक को प्रशासनिक दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील और निर्णायक माना जा रहा है।
सुशासन तिहार का प्रभाव: घोषणाओं को विधिक धरातल पर लाने की तैयारी
वर्तमान में राज्य सरकार ‘सुशासन तिहार’ के माध्यम से सीधे जनता के द्वार तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का निवारण कर रही है। इस जनकल्याणकारी माहौल के बीच आयोजित हो रही यह कैबिनेट बैठक इसलिए भी खास है, क्योंकि इसमें सीधे जनसंवाद से निकले निष्कर्षों को शामिल किया जाएगा।
प्रशासनिक सूत्रों का मत: विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हाल ही में प्रदेश के विभिन्न जिलों और संभागों के दौरों के दौरान आम जनता की मांग पर जो महत्वपूर्ण घोषणाएं की थीं, उन्हें आधिकारिक व विधिक रूप से क्रियान्वित करने के लिए कल कैबिनेट की औपचारिक मंजूरी मिल सकती है। इसके अलावा बजट घोषणाओं के त्वरित क्रियान्वयन को लेकर भी मंत्रियों को कड़े दिशा-निर्देश दिए जा सकते हैं।
लंबित विभागीय प्रस्तावों और आगामी विकास कार्यों की होगी विधिक समीक्षा
मंत्रालय में होने वाली इस महा-बैठक की कार्यसूची में कई विभागों के लंबित और नीतिगत एजेंडे शामिल किए गए हैं:
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विभागीय लंबित प्रस्ताव: कई महत्वपूर्ण विभागों से जुड़े संविदा, पदोन्नति, वित्तीय स्वीकृतियों और ढांचागत सुधारों से संबंधित लंबित फाइलों पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
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विकास कार्यों की समीक्षा: राज्य में चल रहे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, राष्ट्रीय राजमार्गों, सिंचाई परियोजनाओं और ग्रामीण विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा खुद मुख्यमंत्री करेंगे।
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आगामी योजनाओं की रूपरेखा: आगामी महीनों में ग्रामीण और जनजातीय अंचलों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए नई कस्टमाइज्ड योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने पर भी कैबिनेट में विधिक मंथन होगा।
कल शाम 6 बजे होने वाली इस बैठक के निर्णयों की जानकारी मुख्य सचिव अथवा अधिकृत कैबिनेट प्रवक्ता द्वारा देर शाम मीडिया को ब्रीफिंग के माध्यम से साझा की जाएगी, जिस पर समूचे प्रदेश की जनता और राजनीतिक विश्लेषकों की निगाहें टिकी हुई हैं।









