इंदौर में महिला एवं बाल विकास विभाग के डिप्टी डायरेक्टर के ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा, अब तक10.82 करोड़ की संपत्ति का खुलासा

Rahul Goshwami

Laxmi Narayan Kandwal Assets Case:  लक्ष्मी नारायण कंडवाल की करोड़ों की संपत्ति का खुलासा होने के बाद इंदौर में लोकायुक्त की कार्रवाई चर्चा का विषय बन गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग में संयुक्त संचालक पद पर पदस्थ लक्ष्मी नारायण कंडवाल के ठिकानों पर की गई छापेमारी में अब तक करीब 10 करोड़ 82 लाख 73 हजार रुपये की संपत्ति सामने आई है। लोकायुक्त की टीम अब उनकी आय के स्रोत और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है।

बैंक लॉकर में मिले लाखों के जेवर
जांच के दौरान लक्ष्मी नारायण कंडवाल की करोड़ों की संपत्ति में एक बड़ा खुलासा बैंक लॉकर से हुआ। लोकायुक्त अधिकारियों ने बैंक लॉकर की तलाशी में करीब 24 लाख 76 हजार 630 रुपये मूल्य के सोने और चांदी के आभूषण बरामद किए हैं।इसके अलावा घर से भी करीब 4 लाख 79 हजार रुपये के जेवर और नकदी मिली है। इन सभी वस्तुओं को जांच प्रक्रिया के तहत सूचीबद्ध किया गया है।

घर, जिम और व्यापारिक प्रतिष्ठान में मिली बड़ी संपत्ति
लक्ष्मी नारायण कंडवाल की करोड़ों की संपत्ति की जांच में उनके परिवार से जुड़े कारोबार और अन्य ठिकानों की भी जांच की गई। उनके बेटों द्वारा संचालित डिपार्टमेंटल स्टोर में करीब 35 लाख 73 हजार रुपये का सामान पाया गया।वहीं घर में मौजूद घरेलू सामान की कीमत करीब 38 लाख 48 हजार रुपये आंकी गई, जबकि जिम में लगे उपकरणों की कीमत लगभग 2 लाख 71 हजार रुपये बताई गई। चल संपत्तियों की कुल कीमत 1 करोड़ 6 लाख 98 हजार रुपये से अधिक बताई गई है।

कई जमीन और व्यावसायिक भवन भी जांच के दायरे में
लोकायुक्त की जांच में लक्ष्मी नारायण कंडवाल की करोड़ों की संपत्ति के तहत कई अचल संपत्तियां भी सामने आई हैं। इनमें इंदौर की स्कीम नंबर-103 में चार मंजिला व्यावसायिक बिल्डिंग, स्कीम नंबर-140 में दो आवासीय प्लॉट और ग्राम टिगरिया-बादशाह में करीब ढाई हेक्टेयर कृषि भूमि शामिल है।इसके अलावा ग्राम भेंसलाय, सोनवाय और मलेंडी में स्थित अन्य जमीनों की जानकारी भी जांच एजेंसियों को मिली है।
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परिवार के नाम पर खरीदी गई संपत्तियों की होगी पड़ताल
जांच में सामने आया है कि लक्ष्मी नारायण कंडवाल की करोड़ों की संपत्ति का कुछ हिस्सा उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर भी दर्ज है। इनमें पत्नी, दोनों बेटे और बहुएं शामिल हैं। कुछ संपत्तियों के हस्तांतरण के लिए दान पत्र और गिफ्ट डीड का इस्तेमाल किया गया है, जिसकी वैधता और वित्तीय पहलुओं की भी जांच की जा रही है।लोकायुक्त टीम अब उनके इंडियन ओवरसीज बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया सहित अन्य बैंक खातों, बीमा योजनाओं और निवेश संबंधी दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।

आय से अधिक संपत्ति के पहलू पर जारी है जांच
लक्ष्मी नारायण कंडवाल की करोड़ों की संपत्ति मामले में लोकायुक्त यह पता लगाने में जुटी है कि उनके द्वारा अर्जित संपत्तियां उनकी वैध आय के अनुरूप हैं या नहीं। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई और मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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