Wednesday, August 19, 2026
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CG NEWS : छत्तीसगढ़ शराब घोटाला, ED की सप्लीमेंट्री शिकायत में आपराधिक सिंडिकेट का खुलासा, 59 नए आरोपी नामजद

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CG NEWS : रायपुर : छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 26 दिसंबर को एक और सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन शिकायत दाखिल की है। इस शिकायत में 2019 से 2023 के बीच प्रदेश के आबकारी विभाग में हुए एक बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा किया गया है। जांच में सामने आया है कि एक संगठित आपराधिक सिंडिकेट ने अवैध कमीशन और बिना हिसाब की शराब बिक्री के जरिए निजी लाभ के लिए राज्य की शराब नीति से छेड़छाड़ की।

CG NEWS : ED के अनुसार सिंडिकेट ने चार तरीकों से अवैध कमाई की। पहली व्यवस्था के तहत शराब आपूर्तिकर्ताओं से आधिकारिक बिक्री पर रिश्वत ली जाती थी, जिसके लिए राज्य द्वारा तय की जाने वाली लैंडिंग प्राइस को कृत्रिम रूप से बढ़ाया जाता था, यानी रिश्वत की रकम सरकारी खजाने से ही निकलती थी। दूसरी व्यवस्था में डुप्लीकेट होलोग्राम और नकद खरीदी गई बोतलों के जरिए सरकारी दुकानों से बिना हिसाब की देशी शराब बेची जाती थी, जिससे टैक्स और एक्साइज ड्यूटी से बचा जा सके।

CG NEWS : तीसरी व्यवस्था में डिस्टिलर्स से बाजार हिस्सेदारी बनाए रखने और लाइसेंस प्राप्त करने के बदले सालाना कमीशन वसूला जाता था। चौथी व्यवस्था FL-10A लाइसेंस से जुड़ी थी, जिसके माध्यम से विदेशी शराब कंपनियों से कमीशन लिया जाता था और इस मुनाफे का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा सिंडिकेट को जाता था।

CG NEWS : नवीनतम शिकायत में कहा गया है कि प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर अवैध वित्तीय लाभ के लिए साजिश रची गई। इस सप्लीमेंट्री शिकायत में 59 नए लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिसके साथ कुल आरोपियों की संख्या 81 हो गई है।

CG NEWS : जांच में कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका भी सामने आई है, जिनमें रिटायर्ड IAS और तत्कालीन संयुक्त सचिव अनिल टुटेजा, तत्कालीन आबकारी आयुक्त IAS निरंजन दास और CSMCL के प्रबंध निदेशक अरुण पति त्रिपाठी का नाम शामिल है। फील्ड स्तर पर कई अधिकारियों पर बिना हिसाब की शराब बिक्री को बढ़ावा देने के आरोप लगाए गए हैं।

CG NEWS : राजनीतिक स्तर पर भी कुछ नाम शिकायत में शामिल किए गए हैं। इनमें तत्कालीन आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे चैतन्य बघेल और मुख्यमंत्री कार्यालय की उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया का जिक्र किया गया है। निजी क्षेत्र से अनवर ढेबर और अरविंद सिंह को सिंडिकेट का प्रमुख माना गया है, साथ ही कुछ डिस्टिलरी और व्यापारिक संस्थाओं की भूमिका भी बताई गई है।

CG NEWS : इस मामले में PMLA की धारा 19 के तहत अब तक नौ प्रमुख लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से कुछ आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि कुछ को जमानत मिल चुकी है।

CG NEWS : ED ने अब तक 382.32 करोड़ रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्तियों पर अस्थायी कुर्की की कार्रवाई की है। इनमें नौकरशाहों, राजनीतिक व्यक्तियों और निजी कंपनियों से जुड़ी 1,041 संपत्तियां शामिल हैं, जिनमें रायपुर स्थित होटल वेनिंगटन कोर्ट तथा ढेबर और बघेल परिवार से जुड़ी कई संपत्तियां बताई गई हैं।

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