MP Congress Delhi Protest: नई दिल्ली/भोपाल। मध्य प्रदेश की राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया से जुड़ा मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्तीकरण का मामला अब राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र बन गया है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता से जोड़ते हुए दिल्ली में बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। मध्य प्रदेश कांग्रेस के विधायक, वरिष्ठ नेता और पार्टी पदाधिकारी राष्ट्रपति से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन उन्हें समय नहीं मिल सका। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा, चुनाव आयोग और पूरी चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए।
MP Congress Delhi Protest: मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है, जहां इस प्रकरण पर सुनवाई निर्धारित की गई है। कांग्रेस का दावा है कि राज्यसभा चुनाव में उनकी प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन नियमों के विपरीत और राजनीतिक दबाव में निरस्त किया गया।
‘भारतीय राजनीति में पहली बार हुई ऐसी घटना’ : जीतू पटवारी
MP Congress Delhi Protest: मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब राज्यसभा चुनाव में किसी प्रत्याशी का नामांकन इस तरह निरस्त किया गया हो। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक उम्मीदवार तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
MP Congress Delhi Protest: उन्होंने कहा कि आज देश के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि “क्या लोकतंत्र सुरक्षित है या देश इलेक्टोरल ऑटोक्रेसी यानी चुनावी तानाशाही की दिशा में बढ़ रहा है?”
MP Congress Delhi Protest: पटवारी ने कहा कि यदि इस तरह की घटनाओं को सामान्य मान लिया गया तो भविष्य में लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है।
भाजपा पर लगाया राजनीतिक षड्यंत्र का आरोप
MP Congress Delhi Protest: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के पास आवश्यक समर्थन मौजूद था और अन्य दलों के कुछ विधायक भी पार्टी के संपर्क में थे। उन्होंने आरोप लगाया कि यह स्थिति भाजपा के लिए असहज थी और इसी कारण राजनीतिक स्तर पर एक ऐसा माहौल बनाया गया, जिसके परिणामस्वरूप नामांकन निरस्त करने जैसी कार्रवाई हुई।
MP Congress Delhi Protest: उन्होंने कहा कि “गांव के सरपंच चुनावों में भी ऐसी घटनाएं कम देखने को मिलती हैं, लेकिन राज्यसभा जैसे उच्च सदन के चुनाव में ऐसा होना लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।”
उमंग सिंघार ने उठाए लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल
MP Congress Delhi Protest: नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह समय देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती पर गंभीर चर्चा का है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों, बुद्धिजीवियों, वकीलों, शिक्षाविदों और नागरिक समाज को इस पूरे घटनाक्रम पर विचार करना चाहिए।
MP Congress Delhi Protest: उन्होंने कहा कि “यदि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में इस प्रकार की अनिश्चितता पैदा होगी, तो भविष्य में आम नागरिकों के अधिकार भी प्रभावित होंगे।”
चुनाव आयोग पर सुप्रीम कोर्ट को गुमराह करने का आरोप
MP Congress Delhi Protest: उमंग सिंघार ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने न्यायालय के समक्ष तथ्यों को सही तरीके से प्रस्तुत नहीं किया। उन्होंने कहा कि यदि तकनीकी आधारों का सहारा लेकर उम्मीदवारों को चुनावी प्रक्रिया से बाहर किया जाएगा, तो लोकतंत्र की विश्वसनीयता पर असर पड़ेगा।
MP Congress Delhi Protest: उन्होंने कहा कि “यदि किसी उम्मीदवार का नामांकन इस प्रकार निरस्त किया जा सकता है, तो भविष्य में किसी भी विधायक या जनप्रतिनिधि के साथ ऐसा हो सकता है।”
‘यह सिर्फ कांग्रेस की लड़ाई नहीं’
MP Congress Delhi Protest: उमंग सिंघार ने कहा कि यह केवल कांग्रेस पार्टी का राजनीतिक संघर्ष नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को इस मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए।उन्होंने कहा, “यह लड़ाई हर उस व्यक्ति की है जो लोकतंत्र, संविधान और निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया में विश्वास रखता है।”
राष्ट्रपति से मुलाकात नहीं होने पर जताई नाराजगी
MP Congress Delhi Protest: कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति से मुलाकात का समय नहीं मिलने पर भी नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना था कि मध्य प्रदेश के बड़ी संख्या में विधायक अपनी बात रखने दिल्ली पहुंचे थे और उन्हें उम्मीद थी कि उन्हें अपनी चिंताओं से राष्ट्रपति को अवगत कराने का अवसर मिलेगा।
MP Congress Delhi Protest: उमंग सिंघार ने बताया कि पार्टी को पहले संकेत मिले थे कि मुलाकात का समय मिल सकता है, लेकिन बाद में ईमेल के माध्यम से सूचित किया गया कि निर्धारित समय पर मुलाकात संभव नहीं होगी।
MP Congress Delhi Protest: उन्होंने कहा कि “एक राज्य के 61 विधायक लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने पहुंचे और उन्हें समय नहीं मिला। यह भी अपने आप में चिंतन का विषय है।”
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी निगाहें
MP Congress Delhi Protest: अब इस पूरे मामले पर सभी की नजरें सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हुई हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अदालत का फैसला न केवल मध्य प्रदेश की राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करेगा, बल्कि भविष्य में चुनावी प्रक्रियाओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकता है।
MP Congress Delhi Protest: फिलहाल कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से लेकर न्यायालय तक उठाने की बात कह रही है, जबकि भाजपा लगातार कांग्रेस के आरोपों को खारिज कर रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह विवाद प्रदेश ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी चर्चा का प्रमुख विषय बना रह सकता है।









