Balod SIT Investigation: बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में तीन वर्षीय मासूम प्रिया साहू की कब्र से सिर गायब होने का सनसनीखेज मामला तीन महीने बाद भी रहस्य बना हुआ है। पुलिस जांच के बावजूद अब तक किसी आरोपी की पहचान नहीं हो सकी है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश और निराशा का माहौल है। मामले में कार्रवाई की धीमी गति से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और प्रशासन से जल्द खुलासे की मांग की।
Balod SIT Investigation: ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि पूरे समाज को झकझोर देने वाला मामला है। एक मासूम बच्ची की कब्र से सिर गायब होना किसी भी परिवार और गांव के लिए भयावह घटना है, लेकिन इतने लंबे समय बाद भी पुलिस के हाथ खाली होना लोगों के विश्वास को कमजोर कर रहा है।
14 फरवरी की घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया था
Balod SIT Investigation: गुंडरदेही थाना क्षेत्र के ग्राम माहुद-बी में 14 फरवरी को उस समय सनसनी फैल गई थी, जब दफनाई गई तीन वर्षीय प्रिया साहू की कब्र से छेड़छाड़ की सूचना मिली। प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में कब्र खोदी गई तो बच्ची का सिर धड़ से गायब पाया गया। इस दृश्य ने ग्रामीणों को स्तब्ध कर दिया और पूरे क्षेत्र में भय का माहौल फैल गया।
Balod SIT Investigation: घटनास्थल के आसपास कथित तंत्र-मंत्र से जुड़ी सामग्री मिलने के बाद मामले ने और भी रहस्यमय रूप ले लिया। लोगों के बीच अंधविश्वास, तांत्रिक गतिविधियों और संगठित अपराध को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
पुलिस जांच पर उठ रहे सवाल
Balod SIT Investigation: ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की जानकारी मिलने के तुरंत बाद शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन जांच अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ी। उनका कहना है कि इतने संवेदनशील मामले में पुलिस को अब तक ठोस सुराग मिल जाना चाहिए था। लगातार बीतते समय के साथ लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है।
Balod SIT Investigation: ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि मामले की जानकारी लेने पर उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। कई लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जांच की पारदर्शिता और गंभीरता को लेकर संदेह पैदा हो रहा है।
कलेक्ट्रेट पहुंचा ग्रामीणों का गुस्सा
Balod SIT Investigation: मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर ग्राम पंचायत प्रतिनिधि, ग्राम समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए पुलिस अधीक्षक से सीधे मुलाकात की मांग की। कुछ समय तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी मांगें सुनीं।
Balod SIT Investigation: ग्रामीणों ने कहा कि घटना के बाद से गांव में डर और असुरक्षा का माहौल है। लोग अपने बच्चों और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। उनका मानना है कि दोषियों की गिरफ्तारी के बिना गांव में सामान्य स्थिति बहाल नहीं हो सकती।
एसआईटी को सौंपी गई जांच
Balod SIT Investigation: मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज करने का दावा किया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक Monika Thakur ने बताया कि जांच को नई दिशा देने के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।
Balod SIT Investigation: पुलिस के अनुसार टीम सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है और तकनीकी साक्ष्यों के साथ स्थानीय सूचनाओं को भी खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।
अब आस्था का सहारा ले रहे ग्रामीण
Balod SIT Investigation: जांच में लगातार देरी से परेशान ग्रामीण अब पारंपरिक आस्था की ओर भी रुख कर रहे हैं। गांव के लोगों ने ‘आंगा देव’ की पूजा और विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित करने का निर्णय लिया है। उनका विश्वास है कि इससे गांव में फैला भय दूर होगा और सच सामने आने में मदद मिलेगी।
Balod SIT Investigation: ग्रामीणों ने प्रशासन से कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
न्याय का इंतजार, जवाबों की तलाश
Balod SIT Investigation: तीन महीने बाद भी रहस्य बरकरार रहने से यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है, तो दूसरी ओर ग्रामीण प्रशासन और पुलिस से जल्द खुलासे की मांग कर रहे हैं। अब सबकी नजर एसआईटी की जांच और आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है, जिससे इस रहस्यमयी मामले का सच सामने आ सके।









