Sehora bribery case , मुकुल शुक्ला \सागर : (सीहोरा)। सीहोरा क्षेत्र के आकाश विकास वेयरहाउस और साई कृपा वेयरहाउस के संचालकों ने नागरिक आपूर्ति निगम के जिला अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संचालकों का कहना है कि कथित रूप से रिश्वत की मांग पूरी न करने पर उनकी डीएसी (DAC) क्लियर नहीं की जा रही है और अनाज भंडारण की अनुमति भी रोक दी गई है।
Sehora bribery case : वेयरहाउस संचालकों के अनुसार, उन्होंने बैंक से ऋण लेकर वेयरहाउस का निर्माण किया था, लेकिन पिछले तीन वर्षों से भुगतान लंबित होने के कारण वे गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि बैंक की किस्तें चुकाना मुश्किल हो गया है और स्थिति यहां तक पहुंच गई है कि निजी जेवर तक गिरवी रखने पड़े हैं।
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Sehora bribery case : संचालकों ने आरोप लगाया कि जिला अधिकारी रोहित बघेल ने दोनों वेयरहाउसों से 50-50 हजार रुपये की मांग की थी। उनका दावा है कि राशि नहीं देने के बाद उनके भुगतान रोक दिए गए।
Sehora bribery case : जानकारी के अनुसार, आकाश विकास वेयरहाउस में चना, मसूर, सरसों और गेहूं के भंडारण का लगभग 55 लाख रुपये तथा साई कृपा वेयरहाउस का करीब 40 लाख रुपये भुगतान लंबित है। कुल मिलाकर राशि 1 करोड़ रुपये के आसपास पहुंच रही है।
Sehora bribery case : इसके अलावा, संचालकों ने बताया कि वेयरहाउस संचालन के दौरान अनाज सुरक्षा, दवाइयों और कर्मचारियों के वेतन पर लगभग 4 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च किए जा चुके हैं। वे लगातार विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है।
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Sehora bribery case : फिलहाल संचालकों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर लंबित भुगतान शीघ्र जारी करने की मांग की है।









