Iran US Nuclear Deal: ईरान अमेरिका परमाणु समझौता को लेकर दुनिया भर में बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। लंबे समय से जारी तनाव और परमाणु विवाद के बीच अब एक बड़ा बदलाव सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित समझौते के तहत अपने उच्च संवर्धित यूरेनियम भंडार को छोड़ने पर सहमति जता दी है।बताया जा रहा है कि ईरान के पास करीब 440 किलो Highly Enriched Uranium मौजूद है। इस फैसले को कई विशेषज्ञ ईरान की बड़ी रणनीतिक नरमी मान रहे हैं।
ईरान अमेरिका परमाणु समझौता को लेकर न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान अमेरिका को अपना संवर्धित यूरेनियम सौंपने के लिए तैयार हो गया है।हालांकि अभी तक इस समझौते का आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
होर्मुज संकट कम होने की उम्मीद
ईरान अमेरिका परमाणु समझौता का असर केवल परमाणु मुद्दे तक सीमित नहीं माना जा रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समझौता हो जाता है तो होर्मुज जलडमरूमध्य में चल रहा तनाव भी कम हो सकता है।इससे वैश्विक तेल सप्लाई और ऊर्जा बाजार को बड़ी राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है। कई देशों की नजर अब इस समझौते पर टिकी हुई है।
अमेरिका ने बढ़ाया था दबाव
ईरान अमेरिका परमाणु समझौता से पहले अमेरिका लगातार ईरान पर दबाव बना रहा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों ने साफ संकेत दिए थे कि अगर ईरान शुरुआती स्तर पर समझौते की इच्छा नहीं दिखाता तो सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू हो सकती है।इसी दबाव के बाद ईरान ने अपने रुख में नरमी दिखाई है। अमेरिकी सेना ने कथित तौर पर ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले के विकल्प भी तैयार कर लिए थे।
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परमाणु ठिकानों पर हमले की तैयारी
ईरान अमेरिका परमाणु समझौता की बातचीत के बीच अमेरिकी सेना ने इस्फहान स्थित भूमिगत परमाणु केंद्र पर संभावित बंकर बस्टर हमले की तैयारी भी की थी।रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका और इजराइल संयुक्त कमांडो ऑपरेशन पर भी विचार कर रहे थे। हालांकि इन योजनाओं को अंतिम मंजूरी नहीं मिली।
कितना खतरनाक है ईरान का यूरेनियम?
ईरान अमेरिका परमाणु समझौता में सबसे बड़ा मुद्दा ईरान का यूरेनियम भंडार ही रहा है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी IAEA के अनुसार ईरान के पास करीब 970 पाउंड ऐसा यूरेनियम है जिसे 60 प्रतिशत तक संवर्धित किया जा चुका है।इजराइल का दावा है कि अगर इसे और ज्यादा संवर्धित किया जाए तो इससे कई परमाणु हथियार बनाए जा सकते हैं। यही वजह है कि अमेरिका और उसके सहयोगी देश लगातार ईरान पर दबाव बना रहे हैं।
रूस को सौंपा जा सकता है यूरेनियम
ईरान अमेरिका परमाणु समझौता के तहत एक प्रस्ताव यह भी सामने आया है कि ईरान अपने यूरेनियम भंडार को रूस को सौंप सकता है।ऐसा मॉडल पहले 2015 के परमाणु समझौते में भी अपनाया गया था, जब बराक ओबामा अमेरिकी राष्ट्रपति थे। इस विकल्प पर अब फिर चर्चा हो रही है।
ट्रंप बोले- समझौता लगभग तय
ईरान अमेरिका परमाणु समझौता को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि समझौता लगभग तय हो चुका है। उन्होंने कहा कि अब केवल तकनीकी और अंतिम शर्तों पर चर्चा बाकी है।सूत्रों के मुताबिक मसौदा समझौते में युद्ध समाप्ति की घोषणा, होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलना और अगले 30 से 60 दिनों में नई परमाणु वार्ता शुरू करना शामिल हो सकता है।
तनाव अब भी पूरी तरह खत्म नहीं
ईरान अमेरिका परमाणु समझौता की बातचीत के बावजूद हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। फरवरी में अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव काफी बढ़ गया था।हालांकि अप्रैल से युद्धविराम लागू है, लेकिन सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू होने का खतरा अभी भी बना हुआ है। ईरान ने भी साफ किया है कि किसी व्यापक समझौते के लिए उस पर लगे प्रतिबंधों में राहत जरूरी होगी।









