नक्सल प्रभावित सुकमा के गांवों में बदली रात की तस्वीर! नाइट हेल्थ कैंप में लोगों को मिल रहा इलाज

Rahul Goshwami

Sukma Night Health Camp: सुकमा नाइट हेल्थ कैंप अब छत्तीसगढ़ के दूरस्थ गांवों में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत सुकमा जिले में रात के समय लगाए जा रहे हेल्थ कैंप से गांव-गांव तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच रही हैं। जिन इलाकों में पहले इलाज और दवाइयों की सुविधा पहुंचना मुश्किल था, वहां अब लोग आसानी से जांच और इलाज करा पा रहे हैं।

सुकमा नाइट हेल्थ कैंप के जरिए डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की टीम दूरदराज गांवों तक पहुंच रही है। इन कैंपों में लोगों की जांच की जा रही है और जरूरत के मुताबिक दवाइयां भी दी जा रही हैं।स्थानीय निवासी सरोज ने बताया कि पहले इलाज के लिए काफी दूर जाना पड़ता था। आने-जाने में परेशानी होती थी और कई बार समय पर इलाज नहीं मिल पाता था। अब गांव के पास ही कैंप लगने से लोगों को बड़ी सुविधा मिल रही है।

ग्रामीणों को मिल रही बड़ी राहत
सुकमा नाइट हेल्थ कैंप का असर अब गांवों में साफ दिखाई देने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि महीने में दो से तीन बार कैंप लगाए जा रहे हैं, जिससे बीमार लोगों का समय पर इलाज हो पा रहा है।एक स्थानीय निवासी ने कहा कि इस योजना से गांव के लोगों को काफी फायदा हो रहा है। पहले छोटी बीमारी भी बड़ी परेशानी बन जाती थी, लेकिन अब डॉक्टर गांव तक पहुंच रहे हैं और लोगों की जांच कर रहे हैं।

नक्सल प्रभावित इलाकों में खास पहल
सुकमा नाइट हेल्थ कैंप खासतौर पर उन इलाकों में लगाए जा रहे हैं जहां स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना हमेशा चुनौती माना जाता रहा है। सुकमा जिला लंबे समय से नक्सल प्रभावित क्षेत्र माना जाता है और कई गांव आज भी मुख्य सुविधाओं से दूर हैं।ऐसे इलाकों में रात के समय हेल्थ कैंप लगाना प्रशासन की बड़ी पहल मानी जा रही है। इससे गांव के लोगों में सरकार के प्रति भरोसा भी बढ़ रहा है।

महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा फायदा
सुकमा नाइट हेल्थ कैंप से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा राहत मिल रही है। पहले इलाज के लिए कई किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था, लेकिन अब गांव के पास ही स्वास्थ्य जांच और दवा मिल रही है।कई ग्रामीणों ने बताया कि अब उन्हें समय पर इलाज मिलने लगा है, जिससे गंभीर बीमारियों का खतरा भी कम हो रहा है।

मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान का बड़ा असर
सुकमा नाइट हेल्थ कैंप मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान का हिस्सा है। इस अभियान का मकसद बस्तर के दूरस्थ और आदिवासी इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।सरकार का दावा है कि इस योजना के जरिए हजारों ग्रामीणों तक इलाज और दवाइयां पहुंचाई जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार गांवों में जाकर लोगों की जांच कर रही हैं।

गांवों में बढ़ रही लोगों की भागीदारी
सुकमा नाइट हेल्थ कैंप में अब बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंच रहे हैं। लोगों में जागरूकता बढ़ने के कारण मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।ग्रामीणों का कहना है कि अगर इसी तरह नियमित कैंप लगते रहे तो दूरदराज के गांवों में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति काफी बेहतर हो सकती है। फिलहाल यह पहल सुकमा के लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण बनती दिख रही है।

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