Crime Review Meeting: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। जिला मुख्यालय स्थित पुलिस नियंत्रण कक्ष में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्री शशि मोहन सिंह ने जिले की कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण मासिक अपराध समीक्षा बैठक ली। इस उच्च स्तरीय बैठक में जिले के समस्त पुलिस राजपत्रित अधिकारियों, थाना व चौकी प्रभारियों सहित विभिन्न शाखाओं के प्रमुख और प्रशिक्षणरत उप निरीक्षक मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बैठक के दौरान एसएसपी ने दो टूक शब्दों में कहा कि प्रभावी पुलिसिंग का मूल आधार सक्रिय निगरानी, त्वरित कार्रवाई और प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी प्रभारियों को लंबित मामलों का समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निपटारा करने और बुनियादी पुलिसिंग को मजबूत करने के कड़े निर्देश दिए।
बिलासपुर रेंज आईजी के प्रस्तावित जिला निरीक्षण को लेकर तैयारियां तेज
बैठक के शुरुआती चरण में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने सभी अधिकारियों को बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) द्वारा इस माह प्रस्तावित वार्षिक जिला निरीक्षण की आधिकारिक जानकारी दी। उन्होंने रक्षित निरीक्षक, राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को अपने-अपने कार्यस्थलों, थानों और चौकियों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने को कहा। इसके साथ ही निरीक्षण से संबंधित सभी शासकीय अभिलेखों, रजिस्टरों और मालखाना व्यवस्थाओं को समय रहते अद्यतन (अपडेट) करने के निर्देश दिए ताकि निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की प्रशासनिक खामी सामने न आए।
बाइक चोरों पर कसेगा शिकंजा, कबाड़ियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में हाल के दिनों में हुई दुपहिया वाहनों (बाइक) की चोरी की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए एसएसपी ने एक विशेष और आक्रामक रणनीति के तहत काम करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक, जिला साइबर सेल और सभी शहरी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे क्षेत्र के पुराने वाहन चोरों की सूची तैयार कर उनकी वर्तमान गतिविधियों पर कड़ी नजर रखें। वाहन चोरी रोकने के लिए आधुनिक तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जाए और चोरी के वाहनों की खरीद-बख्त करने वाले अवैध कबाड़ कारोबारियों के विरुद्ध तत्काल छापेमारी कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
फरार आरोपियों और वारंटियों की धरपकड़ के लिए “ऑपरेशन क्लीन हंट”
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने कहा कि लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों और स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की ओर से चलाए जा रहे विशेष अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। इसके लिए “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत सभी थाना प्रभारियों को पहले से पूरी होमवर्क और विस्तृत रूपरेखा तैयार करने को कहा गया है। आवश्यकता पड़ने पर अन्य जिलों और पड़ोसी राज्यों में पुलिस की विशेष टीमें भेजकर शातिर अपराधियों को दबोचा जाएगा। इसके साथ ही महिला संबंधी अपराधों पर शून्य सहिष्णुता (जीरो टॉलरेंस) की नीति दोहराते हुए उन्होंने महिला थाना की सराहना की और निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में संवेदनशीलता बरतते हुए निर्धारित अवधि में न्यायालय में चालान पेश किया जाए।
अवैध धंधों पर “ऑपरेशन आघात” और माइनर एक्ट के तहत होगी बड़ी कार्रवाई
क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों में खौफ पैदा करने के लिए थानों को माइनर एक्ट (प्रतिबंधात्मक धाराओं) के तहत अधिक से अधिक प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। एसएसपी ने कहा कि बदमाशों की सतत जांच और बीट आरक्षकों से नियमित फीडबैक लेकर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है। सामाजिक बुराइयों और नशे के खिलाफ “ऑपरेशन आघात” के तहत अवैध शराब, गांजा, जुआ-सट्टा और वेश्यावृत्ति जैसी असामाजिक गतिविधियों पर लगातार प्रहार करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, शहर की सुगम यातायात व्यवस्था के लिए यातायात उप पुलिस अधीक्षक को सड़कों से अतिक्रमण हटाने और यातयात नियमों का सख्ती से पालन कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नए कानूनों का क्रियान्वयन और प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को व्यवहारिक मार्गदर्शन
समीक्षा बैठक में नए आपराधिक कानूनों के देशव्यापी क्रियान्वयन को देखते हुए थानों में आवश्यक रजिस्टरों का विधिवत संधारण सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। राजपत्रित अधिकारियों को इन रजिस्टरों की प्रविष्टियों की समय-समय पर जांच करने के निर्देश दिए गए। विवेचकों को जांच कार्य में तेजी लाने के लिए नेटग्रिड और काईमैक्स जैसे आधुनिक पोर्टल्स का प्रभावी उपयोग करने की सलाह दी गई। बैठक के अंत में उपस्थित प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को प्रोत्साहित करते हुए एसएसपी ने उन्हें प्रत्येक जांच और मैदानी कार्रवाई में सक्रिय रहकर व्यवहारिक अनुभव प्राप्त करने की सीख दी। मुख्य बैठक के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी और डीएसपी श्री सुशांतो बनर्जी ने प्रशिक्षु अधिकारियों की एक पृथक बैठक लेकर उनके प्रशिक्षण रोटेशन की समीक्षा की और उन्हें पुलिस सेवा की हर विधा को गंभीरता से सीखने के लिए प्रेरित किया।









