[Nishaanebaz Nnews] Rewa Road Issue: रीवा। सिरमौर से डभौरा के बीच सड़क निर्माण में लगातार हो रही देरी और क्षेत्र की प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर भाजपा विधायक दिव्यराज सिंह ने जवा जनपद कार्यालय में करीब 12 घंटे तक धरना दिया। विधायक के धरने के बाद प्रशासन और जनप्रतिनिधि के बीच देर रात बातचीत हुई, जिसके बाद उनकी प्रमुख मांगों पर सहमति बनने की बात सामने आई है।
विधायक ने सड़क निर्माण में हो रही लेटलतीफी के साथ ही क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की कमी और अन्य स्थानीय समस्याओं को लेकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। उनका कहना था कि लंबे समय से क्षेत्र की समस्याएं सामने आने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है।
12 घंटे तक चला धरना, देर रात कलेक्टर ने की चर्चा
जवा जनपद कार्यालय में शुरू हुआ विधायक का धरना करीब 12 घंटे तक जारी रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और समर्थक भी मौके पर मौजूद रहे। विधायक ने क्षेत्र की समस्याओं के समाधान और प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय करने की मांग रखी।
देर रात रीवा कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने विधायक दिव्यराज सिंह से चर्चा की। कलेक्टर की ओर से मांगों के जल्द निराकरण का आश्वासन मिलने के बाद रात करीब 12 बजे विधायक ने अपना अनशन समाप्त किया।
सिरमौर SDM और जनपद CEO को बदलने पर सहमति
Rewa Road Issue: धरने के बाद सबसे बड़ा फैसला सिरमौर SDM और जनपद CEO के बदलाव को लेकर सामने आया। प्रशासन की ओर से दोनों अधिकारियों को बदले जाने पर सहमति बनने की जानकारी दी गई है। इसके बाद क्षेत्र में लंबे समय से चल रही प्रशासनिक शिकायतों को लेकर भी लोगों की उम्मीदें बढ़ी हैं।हालांकि अधिकारियों के बदलाव की प्रक्रिया कब तक पूरी होगी, इसे लेकर अब प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार है।
सिरमौर-डभौरा सड़क निर्माण में तेजी का भरोसा
Rewa Road Issue: विधायक ने धरने के दौरान सिरमौर-डभौरा सड़क निर्माण में हो रही देरी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। क्षेत्र के लोगों के लिए यह सड़क लंबे समय से महत्वपूर्ण मांग बनी हुई है। सड़क निर्माण में देरी के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।प्रशासन ने सड़क निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाने और संबंधित समस्याओं के जल्द समाधान का भरोसा दिया है।
स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी उठी आवाज
Rewa Road Issue: धरने में क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की कमी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। विधायक ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और अस्पतालों में आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी।
अब विधायक के 12 घंटे चले धरने के बाद प्रशासन के सामने सड़क निर्माण में तेजी, अधिकारियों के बदलाव और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार जैसे मुद्दों पर किए गए वादों को जमीन पर उतारने की चुनौती है। क्षेत्रीय लोगों की नजर अब इस बात पर है कि धरना समाप्त कराने के दौरान दिए गए आश्वासन कितनी जल्दी अमल में आते हैं।






