Illegal Liquor Trade Chhattisgarh : धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले का ग्राम कल्ले आज एक ऐसी सामाजिक त्रासदी से गुजर रहा है, जिसने पूरे गांव के अस्तित्व पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले एक दशक से गांव में फल-फूल रहे अवैध शराब के कारोबार ने न केवल युवाओं को नशे की गर्त में धकेला है, बल्कि अब यह उनके वैवाहिक जीवन के आड़े भी आने लगा है। आलम यह है कि गांव की बदनामी के डर से बाहरी लोग यहाँ अपनी बेटियों का रिश्ता लेकर आने से कतरा रहे हैं।
रिश्तों पर लगा ‘शराब’ का ग्रहण कल्ले गांव के बुजुर्गों और माता-पिता की चिंता का मुख्य कारण उनके बच्चों की बढ़ती उम्र है। ग्रामीणों का कहना है कि जब भी वे अपने बेटों के लिए रिश्ता लेकर दूसरे गांव जाते हैं, तो उन्हें यह कहकर लौटा दिया जाता है कि “शराब के तांडव वाले गांव में हम अपनी बेटी नहीं भेजेंगे।” यही स्थिति युवतियों के साथ भी है; लड़के पक्ष के लोग गांव के माहौल को देखते हुए रिश्ता जोड़ने से साफ इनकार कर देते हैं।
प्रशासन की उदासीनता से बढ़ा आक्रोश मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सरपंच जया संदीप डहरिया और अन्य ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस और आबकारी विभाग को कई बार शिकायत की गई, लेकिन रसूखदारों के दबाव में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अवैध शराब की बिक्री तुरंत बंद नहीं की गई, तो वे चक्काजाम और उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
अपर कलेक्टर का आश्वासन ग्रामीणों की शिकायत पर अपर कलेक्टर इंदिरा नवीन सिंह ने संज्ञान लेते हुए कहा कि कल्ले गांव में अवैध शराब की बिक्री का मामला गंभीर है। उन्होंने ग्रामीणों के आवेदन को पुलिस अधीक्षक (SP) के पास भेजने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया है।









