Corporate Conversion Nashik : नासिक। महाराष्ट्र के नासिक स्थित TCS इकाई में चल रहे कथित ‘धर्मांतरण और उत्पीड़न’ के मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने अपनी 50 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट सौंप दी है। इस रिपोर्ट ने ‘कॉर्पोरेट धर्मांतरण’ के पुख्ता साक्ष्यों के साथ पूरे घटनाक्रम में नया मोड़ ला दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, मामले की मुख्य आरोपी निदा खान ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर महिलाओं को धार्मिक जाल में फंसाने और उन्हें प्रताड़ित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
धार्मिक शिक्षा और उत्पीड़न का ‘खेल’ महिला आयोग की रिपोर्ट में अन्य महिलाओं और मुख्य शिकायतकर्ता के बयानों को शामिल किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्य आरोपी दानिश, तौफीक और रजा मेनन युवा महिलाओं को धार्मिक विचारधारा के जरिए प्रभावित करने का प्रयास करते थे। इसके बाद, निदा खान को इन महिलाओं को विशिष्ट धार्मिक रीति-रिवाज और शिक्षाएं सिखाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। शिकायतकर्ताओं ने जांच टीम को बताया कि कैसे निदा खान ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर उन्हें मानसिक और धार्मिक उत्पीड़न का शिकार बनाया।
आंतरिक समिति (POSH) की लापरवाही आई सामने रिपोर्ट में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम (POSH) अधिनियम के तहत गठित आंतरिक समिति की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। समिति ने स्वीकार किया है कि उनका मुख्यालय पुणे में होने के कारण, घटना के कई महीनों पहले तक उन्होंने नासिक इकाई का दौरा नहीं किया था। इस प्रशासनिक चूक के कारण आरोपियों को लंबे समय तक यूनिट पर नियंत्रण और दबाव बनाए रखने का मौका मिला।
निदा खान पर कसता शिकंजा इस मामले में पुलिस ने निदा खान को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, निदा को पनाह देने के आरोप में AIMIM पार्षद मतीन पटेल के खिलाफ भी प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है। जानकारी के अनुसार, पार्षद के अवैध निर्माण पर प्रशासन का बुलडोजर चल सकता है। फिलहाल, सभी आरोपी 18 मई तक जेल में हैं और पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।









