अधिकारी की जूतों से पिटाई, ठेकेदार की खुलेआम दबंगई

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सूरजपुर, छत्तीसगढ़। जिले के विश्रामपुर थाना क्षेत्र में कोयला खनन कंपनी एसईसीएल (SECL) के एक अधिकारी के साथ ठेकेदार द्वारा की गई मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है और आमजन के बीच भी भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार, मारपीट करने वाला ठेकेदार अशोक अग्रवाल बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि अशोक अग्रवाल ने ऑफिस के अंदर SECL अधिकारी के साथ न सिर्फ गाली-गलौच की, बल्कि उसे जूतों से बेरहमी से पीटा भी। इस दौरान वह अधिकारी को धमकाते हुए खुद को ‘सत्ता से जुड़ा हुआ’ बता रहा है और यह भी कहता है कि “तू जानता नहीं है मैं क्या चीज हूं।”

घटना कार्यालय परिसर के भीतर हुई और वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरी घटना को मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। वीडियो में ठेकेदार की आक्रामकता और प्रशासनिक तंत्र को धमकाने की भाषा को लेकर लोग खासे नाराज हैं। घटना के बाद SECL अधिकारियों में रोष है और इस मामले में उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की जा रही है। वहीं, पुलिस ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर ठेकेदार की भूमिका और उसके अनुबंधों की समीक्षा की जा रही है। वहीं, इस घटना ने सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानिए आपकी राशि के अनुसार आज का दिन क्या खास लेकर आया है…

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आज का राशिफल : जानिए आपकी राशि के अनुसार आज का दिन क्या खास लेकर आया है…

मेष:
आज भाग्य पूरी तरह से आपका साथ दे रहा है। चंद्रमा आपकी राशि से भाग्य स्थान में गोचर कर रहे हैं, जिससे आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी। सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में आपकी रुचि बढ़ेगी और आप परिवार के साथ मनोरंजक समय बिताएंगे। कहीं घूमने-फिरने का प्लान भी बन सकता है। आज आपको सम्मान और प्रसिद्धि भी प्राप्त हो सकती है। साथ ही, पैतृक संपत्ति से लाभ और कारोबार में उन्नति के योग हैं।

वृषभ:
आज का दिन अचानक लाभ के संकेत दे रहा है। चंद्रमा अष्टम भाव में गोचर कर रहे हैं, जो अप्रत्याशित लाभ की ओर इशारा करता है। काम से ध्यान हटकर आज आप मौज-मस्ती और आराम के मूड में रहेंगे। कारोबार में आर्थिक लाभ मिलेगा और स्वादिष्ट भोजन का भी आनंद उठा सकेंगे। प्रेम जीवन में भी मिठास रहेगी और आप अपने प्रिय के साथ समय बिता सकते हैं। कोई पुण्य कार्य भी आपके हाथों हो सकता है।

मिथुन:
आज का दिन आपके लिए लाभदायक साबित हो सकता है। पारिवारिक जीवन में जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा और आपकी बुद्धिमत्ता से आप कई कार्यों को सफलतापूर्वक निपटा सकेंगे। सामाजिक कार्यों में भी आप सक्रिय रहेंगे और जरूरतमंदों की मदद करेंगे। हालांकि, कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों से मतभेद की संभावना बनी हुई है, इसलिए संयम रखें। बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा और बच्चों की पढ़ाई को लेकर अच्छी खबर मिल सकती है।

कर्क:
आज का दिन थोड़ा संभलकर चलने का है। कार्यस्थल पर सजग रहना आवश्यक है क्योंकि आपकी कोई छोटी सी गलती अधिकारियों को नाराज़ कर सकती है। आर्थिक मामलों में उधार और कर्ज से बचें। घरेलू कार्यों का बोझ बढ़ सकता है और आप पर परिवार की अपेक्षाओं का दबाव भी रहेगा। मानसिक रूप से संतुलन बनाए रखें। लव लाइफ में दिन अच्छा रहेगा और किसी पुराने दोस्त या रिश्तेदार से मुलाकात संभव है।

सिंह:
आज का दिन आपके लिए शुभ और लाभदायक रहेगा। आपकी कार्यकुशलता और बुद्धिमत्ता से कई कार्य आसान हो जाएंगे। ऑफिस में मित्रों और सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाकर चलने से लाभ होगा। हालांकि, किसी भी गलत तरीके से लाभ कमाने की कोशिश नुकसानदेह हो सकती है, इसलिए ईमानदारी से काम करें। संतान से खुशी मिलेगी और प्रेम जीवन में आज रोमांटिक समय बिताने का अवसर मिलेगा।

कन्या:
शुक्रवार आपके लिए खुशियों भरा रहेगा। सुख-सुविधाओं की प्राप्ति होगी और व्यापार में भी प्रगति के संकेत हैं। विशेष रूप से शाम का समय आपके लिए अधिक अनुकूल रहेगा। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा और माता से स्नेह व सहयोग मिलेगा। छोटी दूरी की यात्रा का योग भी बन रहा है, लेकिन सलाह है कि जल्दबाज़ी में कोई निर्णय न लें और काम को धैर्य से करें।

तुला:
आज का दिन लाभकारी रहेगा, लेकिन मन में कई तरह की उलझनें बनी रहेंगी। आप आर्थिक रूप से मजबूत स्थिति में रहेंगे लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है। बच्चों और परिवार के लिए शॉपिंग कर सकते हैं, जिससे मन खुश होगा। किसी पुराने मित्र या संबंधी से मुलाकात हो सकती है और कोई शुभ समाचार भी मिलने की संभावना है। भावनाओं पर नियंत्रण रखें और सोच-समझकर निर्णय लें।

वृश्चिक:
आज आप जोखिम उठाने के लिए तैयार रहेंगे और यह जोखिम आपको लाभ भी दिला सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी और अगर आप प्रॉपर्टी में निवेश करने का सोच रहे हैं तो यह समय उचित है। हालांकि, किसी पुरानी बात के सामने आने से पारिवारिक तनाव भी हो सकता है, इसलिए किसी पुराने मुद्दे को न छेड़ें। पिता से सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा, जो आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

धनु:
चंद्रमा के गोचर से आज आपको लाभ और खुशी दोनों प्राप्त होंगे। किसी शुभ कार्य में भाग लेने का अवसर मिलेगा और आपकी कोई मनोकामना पूरी हो सकती है। नौकरीपेशा लोगों को सहयोग मिलेगा और व्यापारियों के लिए अच्छा लाभ मिलने का योग है, विशेषकर फैशन, वस्त्र या श्रृंगार से संबंधित व्यवसाय वालों के लिए। प्रेम जीवन में आज समय अच्छा रहेगा और परिवार के बुजुर्गों से आशीर्वाद प्राप्त होगा।

मकर:
आज भौतिक सुख-सुविधाओं की ओर आपका रुझान बढ़ेगा, जिससे खर्चे भी बढ़ सकते हैं। आलस्य के कारण कुछ जरूरी कामों को टालने की प्रवृत्ति रहेगी, जो बाद में परेशानी का कारण बन सकती है। यात्रा का योग भी बन रहा है। वैवाहिक जीवन में वाणी पर संयम रखें, अन्यथा तनाव हो सकता है। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह आज आपके लिए बहुत लाभदायक साबित हो सकती है।

कुंभ:
आज आप प्रभावशाली रहेंगे और आपका हास्य-मजाक का स्वभाव लोगों को आकर्षित करेगा। कार्यक्षेत्र में आपका प्रयास रंग लाएगा और भाग्य भी आपका साथ देगा। सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने का मौका मिलेगा और मनोरंजन के कार्यक्रमों का आनंद उठाएंगे। प्रेमी के साथ आज डिनर डेट पर जा सकते हैं और जीवनसाथी के साथ सामंजस्य भी बना रहेगा। पैसों के लेनदेन में पारदर्शिता रखें।

मीन:
परिवार के साथ बेहतर तालमेल बनाना आपके लिए लाभदायक रहेगा। आर्थिक रूप से दिन शुभ रहेगा और घर में सुख-सुविधाएं बढ़ेंगी। बिजली या इलेक्ट्रॉनिक सामान पर खर्च हो सकता है। दिखावे और दिखावटी जीवनशैली से बचना ही बुद्धिमानी होगी। विवाह योग्य लोगों को अच्छा प्रस्ताव मिल सकता है। किसी सामाजिक कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर भी मिलेगा, लेकिन अपने आचरण और मर्यादा का ध्यान अवश्य रखें।

BJP नेता के बेटे की सगाई में चली गोली, एक युवक घायल

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इंदौर, मध्यप्रदेश: मध्यप्रदेश के मच्छोंडी गांव में भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष फाजिल पटेल के बेटे की सगाई के दौरान हुई गोलीबारी से समारोह का माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। सगाई के नाच-गाने और जश्न के बीच एक लाइसेंसी पिस्टल से चली गोली में दो लोग घायल हो गए, जिसमें से एक स्थानीय युवक को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए खुद संज्ञान लेकर केस दर्ज किया है।

घटना दो दिन पुरानी है, जब फाजिल पटेल के बेटे की सगाई का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। समारोह में बाहर से बुलाई गई डांसर फिल्मी गीतों पर मंच पर परफॉर्म कर रही थीं, और मेहमान भी मंच के सामने नाच रहे थे। इसी दौरान इंदौर से आए गिरीश उर्फ टिंकू ठक्कर की कमर में रखी लाइसेंसी पिस्टल से अचानक गोली चल गई।

इस घटना में टिंकू खुद और स्थानीय निवासी फिरोज खान घायल हो गए। फिरोज को तुरंत सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से प्राथमिक उपचार के बाद उसे एक निजी अस्पताल में शिफ्ट किया गया। डॉक्टरों ने फिरोज के पैर से गोली निकाली और उसकी स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है।

डीएसपी अनिल चौहान ने बताया कि कार्यक्रम में गोली चलने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। शुरूआती जांच में सामने आया कि यह लापरवाही का मामला है, जिसमें हथियार धारक ने नशे या लापरवाही में पिस्टल को सही तरीके से सुरक्षित नहीं रखा।

गंभीर बात यह रही कि घायल फिरोज खान ने खुद कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई, न ही सहयोग किया। इसके बावजूद पुलिस ने मामला गंभीर मानते हुए खुद संज्ञान लिया और जांच पूरी करने के बाद गिरीश उर्फ टिंकू ठक्कर के खिलाफ लापरवाहीपूर्वक हथियार रखने और दुर्घटनावश गोली चलने का मामला दर्ज कर लिया है।

फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या सगाई जैसे सार्वजनिक कार्यक्रमों में हथियार लाना नियमों के उल्लंघन में आता है, और क्या इसके लिए आयोजक की जिम्मेदारी तय की जा सकती है।

बाणसागर परियोजना में बड़ा फर्जीवाड़ा: पत्नी के नाम पर नौकरी, 55 लाख का घोटाला

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Big fraud in Bansagar project: मध्यप्रदेश की बहुचर्चित बाणसागर परियोजना एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार किसी निर्माण कार्य को लेकर नहीं, बल्कि एक बड़े घोटाले के कारण। परियोजना के क्योंटी नहर संभाग में एक महिला कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर नियुक्त दुर्गेश गुप्ता की जगह उसके पति संतोष गुप्ता सालों से नौकरी कर रहे थे और इसी दौरान उन्होंने विभाग को चूना लगाते हुए लगभग 55 लाख रुपए का घोटाला कर डाला।

Big fraud in Bansagar project: इस फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ तब हुआ जब मई 2020 में परियोजना के एक कर्मचारी गिरीश कुमार मिश्रा का निधन हो गया। मिश्रा के वेतन का केवल 1.6 लाख रुपए बकाया था, लेकिन संतोष गुप्ता ने जालसाजी कर 35.53 लाख रुपए पास करवा लिए और वह राशि अपने निजी खाते में ट्रांसफर करवा ली। यह पूरी प्रक्रिया बिना किसी आपत्ति के पूर्ण हो गई, जिससे विभागीय लापरवाही भी उजागर होती है। बताया जा रहा है कि यह घोटाला करीब तीन साल तक बेरोक-टोक चलता रहा। दुर्गेश गुप्ता की नियुक्ति के बाद असल में काम संतोष गुप्ता कर रहा था, लेकिन किसी भी अधिकारी ने कभी इस बदलाव पर ध्यान नहीं दिया। यह गंभीर प्रशासनिक चूक का मामला भी बनता है।

Big fraud in Bansagar project:जैसे ही मामला सामने आया, रीवा कलेक्टर ने तत्काल जांच समिति गठित की। जांच रिपोर्ट में घोटाले की पुष्टि हुई और फिर समान थाना में संतोष गुप्ता और उसकी पत्नी दुर्गेश गुप्ता के खिलाफ धोखाधड़ी, सरकारी दस्तावेजों का दुरुपयोग, और षड्यंत्र के गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। रीवा पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और इस बात की भी पड़ताल हो रही है कि कहीं इस घोटाले में अन्य कर्मचारी या अधिकारी तो शामिल नहीं थे। विभागीय लापरवाही की भी जांच की जा रही है।

पूर्व सीएम की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, बहुचर्चित कांग्रेस नेत्री की मौत की फाइल फिर खुलेगी

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भोपाल: मध्यप्रदेश की वरिष्ठ और कद्दावर कांग्रेस नेत्री सरला मिश्रा की रहस्यमयी मौत के मामले में 28 साल बाद बड़ा मोड़ आया है। भोपाल जिला न्यायालय ने इस मामले में पुलिस द्वारा 2019 में प्रस्तुत की गई खात्मा रिपोर्ट को खारिज करते हुए दोबारा जांच के आदेश दे दिए हैं। इस फैसले से प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है, क्योंकि इस प्रकरण में तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और उनके भाई लक्ष्मण सिंह के नाम भी चर्चाओं में रहे हैं।

सरला मिश्रा की मौत फरवरी 1997 में राजधानी भोपाल के टीटी नगर स्थित उनके घर में जलने से हुई थी। तब इसे आत्महत्या बताया गया था, लेकिन मिश्रा परिवार ने तभी से इस पर सवाल उठाए थे। पुलिस द्वारा की गई जांच को लेकर कई बार विसंगतियों और अनियमितताओं की बात सामने आई, जिसके चलते मृतका के परिजनों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

अनुराग मिश्रा ने जताई राहत

सरला मिश्रा के भाई अनुराग मिश्रा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “आज 28 साल बाद हमें न्याय की उम्मीद जगी है। जिस दिन से यह घटना हुई, उसी दिन से हम इस मामले में कई खामियां देख रहे थे। अब जब अदालत ने भी खात्मा रिपोर्ट को खारिज किया है, तो हम मुख्यमंत्री से अपील करते हैं कि इस पूरे प्रकरण में एक विशेष जांच पैनल गठित किया जाए और जांच निष्पक्षता से हो।”

उन्होंने आगे कहा कि तत्कालीन जांच अधिकारियों ने जानबूझकर कई सबूतों को नज़रअंदाज़ किया और मामले को आत्महत्या का रूप दे दिया। अनुराग मिश्रा ने आरोप लगाया कि सरला मिश्रा की उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और उनके भाई लक्ष्मण सिंह से राजनीतिक और व्यक्तिगत विवाद चल रहा था।

राजनीतिक भूचाल की आशंका

इस मामले की फाइल के दोबारा खुलने से प्रदेश की राजनीति में हलचल मचना तय माना जा रहा है। दिग्विजय सिंह जैसे वरिष्ठ नेता का नाम एक बार फिर सुर्खियों में आने से कांग्रेस को भी जवाब देना पड़ सकता है। वहीं विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर रुख अपना सकता है।

अब यह देखना होगा कि न्यायालय के आदेश के बाद राज्य सरकार इस प्रकरण में आगे क्या रुख अपनाती है और जांच कितनी पारदर्शिता से होती है।

लाल-नीली बत्ती का छलावा, लग्जरी कार से हो रही थी शराब तस्करी

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दुर्ग: छत्तीसगढ़ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शराब तस्करी के एक मामले का भंडाफोड़ किया है। एक लग्जरी एसयूवी, जिस पर लाल-नीली बत्ती लगी थी और जो रायपुर पासिंग थी, से अवैध रूप से अंग्रेजी शराब की भारी खेप पकड़ी गई है। इस तस्करी की भनक मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर वाहन को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन उससे पहले ही चालक गाड़ी छोड़कर फरार हो गया।

धमधा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 15 और 16 अप्रैल की दरम्यानी रात उन्हें मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध नेक्सॉन कार में शराब का अवैध परिवहन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही एएसपी (ग्रामीण) अभिषेक झा के निर्देश पर एक टीम गठित कर कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस टीम जब ग्राम ठेकला की ओर बढ़ी तो उन्होंने एक नेक्सॉन कार (CG 04 MD 2018) को लाल-नीली बत्ती के साथ संदिग्ध हालत में जाते देखा।

पुलिस की गाड़ी को देखकर कार चालक ने भागने की कोशिश की और कार को तेज रफ्तार में जालबांधा रोड होते हुए मुड़पार बस्ती की ओर ले गया। बस्ती में कार अनियंत्रित होकर एक मकान की दीवार से जा टकराई। पुलिस को पास आता देख चालक मौके से फरार हो गया।

कार की तलाशी लेने पर पुलिस को अंदर से अंग्रेजी शराब से भरे 13 बॉक्स मिले, जिनमें प्रत्येक में 180 एमएल की 50-50 बोतलें थीं। खास बात यह रही कि शराब की बोतलों पर “FOR SALE IN MADHYA PRADESH ONLY” लिखा था और उनमें मध्य प्रदेश आबकारी विभाग के बारकोड लगे हुए थे।

जप्त शराब की कुल कीमत करीब 87,750 रुपये आंकी गई है, जबकि जब्त कार की अनुमानित कीमत 5 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस अब आरोपी की तलाश कर रही है और यह जांच कर रही है कि शराब मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ में किस उद्देश्य से लाई जा रही थी।

यह मामला न केवल अवैध तस्करी का है, बल्कि सरकारी तंत्र के प्रतीकों के दुरुपयोग का भी गंभीर उदाहरण बन गया है। पुलिस ने कार और शराब जब्त कर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

आखिर क्या है वक़्फ़? जाने पूरी कहानी…!

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What is Waqf: हर समाज की नींव कुछ ऐसी व्यवस्थाओं पर टिकी होती है, जो उस समाज की आत्मा को दर्शाती हैं—और इस्लामी परंपरा में वक्फ (Waqf) ऐसी ही एक व्यवस्था है, जो न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ी है, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के लिए सहारा बनकर सामने आती है। भारत में वक्फ की यात्रा कोई अचानक शुरू हुई परंपरा नहीं, बल्कि सदियों पुरानी एक सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था है, जिसकी जड़ें इतिहास, धर्म और राजनीति में गहराई से समाई हुई हैं।

‘वकुफा’ से ‘वक्फ’ तक की यात्रा

अरबी भाषा के शब्द ‘वकुफा’ से निकला वक्फ, जिसका अर्थ है—रोकना, ठहराना या संरक्षित करना। इसका मूल उद्देश्य एक व्यक्ति द्वारा अपनी संपत्ति को जनकल्याण के लिए समर्पित करना है। वक्फ न तो बेचा जा सकता है, न विरासत में दिया जा सकता है और न ही उपहार स्वरूप किसी को सौंपा जा सकता है। यह एक स्थायी सामाजिक व्यवस्था है, जिसमें संपत्ति ईश्वर के नाम पर समाज की सेवा के लिए सुरक्षित कर दी जाती है।

धार्मिक प्रेरणा: पैगंबर से खलीफा तक

वक्फ की सबसे पुरानी घटनाओं में से एक खलीफा उमर द्वारा खैबर की भूमि को वक्फ करना मानी जाती है, जब पैगंबर मोहम्मद (स.अ.) ने उन्हें सलाह दी कि वह इस संपत्ति को रोक दें और इससे होने वाला लाभ लोगों की सेवा में लगाएं। इसी विचारधारा ने आगे चलकर इस्लामिक समाज में वक्फ की नींव रखी।

भारत में वक्फ की आमद: अरब व्यापारियों से दिल्ली सल्तनत तक

भारत में वक्फ की शुरुआत इस्लाम के आगमन के साथ मानी जाती है, खासकर 7वीं सदी में दक्षिण भारत के मालाबार तट पर अरब व्यापारियों के कदम पड़ते ही इस संस्था ने जमीन पकड़नी शुरू कर दी। लेकिन इसे संगठित रूप में लाने का प्रयास दिल्ली सल्तनत के समय शुरू हुआ।

मोहम्मद गोरी द्वारा जामा मस्जिद, मुल्तान के लिए दो गांव दान करने की घटना को भारत में वक्फ की शुरुआत का पहला उदाहरण माना जाता है। इसके बाद कुतुबुद्दीन ऐबक और इल्तुतमिश जैसे शासकों ने मस्जिदों और मदरसों के लिए संपत्तियां समर्पित कर इस परंपरा को आगे बढ़ाया।

मुगल युग: वक्फ का विस्तार

मुगल सम्राट बाबर से लेकर अकबर तक, वक्फ संस्था को एक सुसंगठित स्वरूप मिला। अकबर ने वक्फ संपत्तियों को धर्मार्थ कार्यों के लिए अधिकृत कर इसे राज्य के स्तर पर एक स्थायी संस्था बना दिया। वक्फ अब सिर्फ धार्मिक स्थलों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शिक्षा और समाजसेवा का भी माध्यम बना।

ब्रिटिश काल: वक्फ का विधिकरण

ब्रिटिश शासन ने इस अनौपचारिक परंपरा को कानूनी पहचान दी। 1913 में वक्फ संस्थाओं को औपचारिक स्वरूप दिया गया और 1923 में वक्फ एक्ट बना। यह व्यवस्था अब एक विधिसम्मत संस्था बन गई, जिसे बाद में 1995 में संशोधित कर वर्तमान रूप दिया गया। प्रोफेसर इरफान हबीब के अनुसार, वक्फ की परंपरा पहले से थी, लेकिन ब्रिटिशों ने इसे प्रशासनिक दृष्टिकोण से संगठित किया।

वक्फ की वर्तमान स्थिति: अवसर और चुनौतियाँ

वर्तमान में भारत में वक्फ बोर्ड, भारतीय सेना और रेलवे के बाद सबसे बड़ा ज़मींदार है। इसके अंतर्गत हजारों मस्जिदें, दरगाहें, मदरसे, कब्रिस्तान और सामाजिक संस्थान आते हैं। लेकिन, इसके साथ ही यह संस्था आज आरोपों, दुरुपयोग और प्रशासनिक लापरवाही का भी शिकार है।

मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली जैसे विद्वान मानते हैं कि वक्फ एक धार्मिक फर्ज की तरह अहम है, लेकिन इसके साथ गलतफहमियां भी जुड़ गई हैं। ‘कब्जे’ जैसे आरोप या सरकारी हस्तक्षेप की आशंकाएं इस संस्था की आत्मा को चोट पहुंचाती हैं।

संशोधन और भविष्य: किस ओर जा रहा है वक्फ?

हाल ही में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश किया गया है। इसमें 14 संशोधनों को संसदीय समिति ने स्वीकार किया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि ये संशोधन पारदर्शिता और जन-हित के लक्ष्य को कितना पूरा कर पाएंगे।

एक ऐतिहासिक संस्था की आज की कहानी

वक्फ न तो सिर्फ एक धार्मिक व्यवस्था है, न ही सिर्फ एक कानूनी संस्था—यह एक सामाजिक उत्तरदायित्व है। यह एक ऐसी संपत्ति है जिसे समाज के लिए संरक्षित किया जाता है। समय के साथ इसकी आत्मा को बचाए रखना और इसमें सुधार लाना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। जैसे किसी बायोपिक में नायक की संघर्ष-यात्रा को दर्शाया जाता है, वैसे ही वक्फ की यह गाथा भारत में एक ऐसी संस्था की है, जो समय, सत्ता और समाज की कसौटियों से गुजरते हुए आज भी अपने मूल उद्देश्य को खोज रही है।

व्यापारियों के लिए बड़ी सौगात, अस्थायी बिजली कनेक्शन अब पूरी तरह डिजिटल

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रायपुर: व्यापार को बढ़ावा देने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने अस्थायी बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है। अब व्यवसायियों को बिजली कनेक्शन के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। इस नई व्यवस्था को स्टेट सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से लागू किया गया है, जिससे उद्यमियों को आवेदन से लेकर स्वीकृति तक की सारी प्रक्रिया ऑनलाइन मिल सकेगी।

इस डिजिटल व्यवस्था के तहत आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन, रीयल-टाइम ट्रैकिंग, स्वचालित नियम जांच जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इससे न केवल प्रक्रिया अधिक सरल और सुलभ होगी, बल्कि प्रशासनिक लागत में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। ऑनलाइन आवेदन प्रणाली के कारण कागजी कार्यवाही में लगने वाला समय बचेगा और निर्णय लेने की प्रक्रिया में गति आएगी।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस पहल को राज्य में व्यापारिक माहौल को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को व्यवसाय के लिए सबसे सरल और आकर्षक राज्य बनाना है। अस्थायी बिजली कनेक्शन की डिजिटल सुविधा विशेषकर छोटे और मझोले उद्यमों (MSMEs) और स्टार्टअप्स के लिए अत्यंत लाभदायक होगी।

प्रमुख लाभों में शामिल हैं:

  • पूरा आवेदन अब ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से

  • रीयल-टाइम ट्रैकिंग से हर चरण की स्थिति की जानकारी

  • डिजिटल वेरिफिकेशन से प्रक्रिया में पारदर्शिता

  • कागजी झंझट और त्रुटियों में भारी कमी

  • कम लागत में ज्यादा सुविधा, जिससे निवेशकों का विश्वास भी बढ़ेगा

उद्योग जगत की ओर से भी इस कदम की सराहना की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की डिजिटल सुधारात्मक पहलें छत्तीसगढ़ को निवेश के लिए अधिक अनुकूल बना रही हैं, जिससे राज्य में नए रोजगार और आर्थिक विकास के अवसर पैदा होंगे।

छत्तीसगढ़ कैबिनेट बैठक में युवाओं, व्यापारियों और उद्योगों के हित में लिए गए कई अहम फैसले

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रायपुर, 17 अप्रैल 2025: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्यहित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में युवाओं, व्यापारियों, फैशन शिक्षा, नगरीय विकास और सहकारिता को बढ़ावा देने वाले निर्णयों को मंजूरी दी गई।

  1. परीक्षार्थियों को परीक्षा शुल्क की वापसी
    सरकार ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, व्यापम और विशेष कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षाओं में शामिल होने वाले स्थानीय युवाओं को बड़ी राहत दी है। अब परीक्षा या साक्षात्कार में उपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियों को उनके द्वारा भरे गए परीक्षा शुल्क की राशि वापस की जाएगी। इससे परीक्षा में गंभीर अभ्यर्थियों की भागीदारी बढ़ेगी और अयोग्य अथवा नॉन-सीरियस उम्मीदवारों के कारण शासन को जो आर्थिक नुकसान होता है, वह भी कम होगा।

  2. छोटे व्यापारियों को राहत: पुरानी वैट देनदारी माफ
    राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान (संशोधन) अध्यादेश-2025 को मंजूरी प्रदान की है। इसके अंतर्गत 10 साल से अधिक पुराने लंबित मामलों में 25 हजार रुपये तक की वैट देनदारी को माफ किया जाएगा। इस निर्णय से 40 हजार से अधिक छोटे व्यापारियों को लाभ मिलेगा और 62 हजार से अधिक मुकदमेबाजी के मामलों में कमी आएगी।

  3. नवा रायपुर में एनआईएफटी कैम्पस की मंजूरी
    राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईएफटी) का नया कैंपस अब नवा रायपुर में स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 271.18 करोड़ रुपये होगी, जिसमें भूमि खरीद, भवन निर्माण, मशीनरी और फर्नीचर शामिल हैं। एनआईएफटी की स्थापना से राज्य के युवाओं को फैशन शिक्षा, प्रबंधन और तकनीकी प्रशिक्षण के क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे।

  4. बायो-सीएनजी संयंत्रों को रियायती दर पर भूमि आबंटन
    राज्य के नगरीय निकायों में बायो-सीएनजी संयंत्रों की स्थापना के लिए मंत्रिपरिषद ने शासकीय भूमि को रियायती लीज दर पर देने की सहमति प्रदान की है। इस निर्णय से जैव एवं कृषि अपशिष्ट के बेहतर प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा।

  5. सहकारी चीनी मिलों से होगी शक्कर खरीदी
    राज्य में सहकारिता को बढ़ावा देने हेतु सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत आवश्यक शक्कर की खरीदी अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक सहकारी शक्कर मिलों से करने का निर्णय लिया है। इसके लिए प्रति टन 37,000 रुपये (एक्स फैक्ट्री, जीएसटी अतिरिक्त) की दर तय की गई है।

  6. बीईएमएल को भारी मशीन निर्माण संयंत्र की सैद्धांतिक मंजूरी
    स्थानीय रोजगार और सूक्ष्म-लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) को राज्य में हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र स्थापित करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। इसके लिए 100 एकड़ भूमि टोकन दर पर आबंटित की जाएगी।

आदेश की कॉपी –

मंत्रिपरिषद की बैठक दिनांक 17 अप्रैल 2025

मंत्रिपरिषद के इन निर्णयों से स्पष्ट है कि सरकार प्रदेश के युवाओं, व्यापारियों और उद्यमों के हितों को प्राथमिकता दे रही है। ये फैसले छत्तीसगढ़ के समग्र विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।

नारायणपुर में बड़ा हादसा: यात्री बस पलटी, कई गंभीर घायल

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नारायणपुर, 17 अप्रैल 2025: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में गुरुवार को एक यात्री बस के पलटने से कई लोग घायल हो गए। हादसा ओरछा मार्ग पर ग्राम गड़बेंगाल पुल के पास हुआ, जब बस असंतुलित होकर सड़क किनारे पलट गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण और पुलिस बल मौके पर पहुंचा और घायलों को तत्काल एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस नारायणपुर से ओरछा की ओर जा रही थी और उसमें क्षमता से अधिक सवारी भरी गई थी। हादसे के समय बस की गति भी तेज बताई जा रही है। घायल यात्रियों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

इस बस का संचालन बस्तर ट्रैवल्स कंपनी द्वारा किया जा रहा था। यह वही कंपनी है, जिसकी बस ने कुछ दिन पहले कोंडागांव में ट्रैफिक सिग्नल पर खड़े बाइक सवारों को टक्कर मार दी थी, जिसमें दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस बार फिर उसी कंपनी की बस हादसे का शिकार हुई है, जिससे कंपनी की लापरवाही एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है।

हादसे के बाद यात्रियों और उनके परिजनों में दहशत का माहौल है। कई स्थानीय लोगों ने बस्तर ट्रैवल्स कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने बस चालक की लापरवाही की आशंका जताते हुए जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार को दुर्घटना की प्रमुख वजह माना जा रहा है। जिला प्रशासन ने हादसे की जानकारी मिलते ही रेस्क्यू टीम भेजी और घायलों के इलाज की व्यवस्था कराई। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को सड़क से हटाकर यातायात बहाल किया।