Sunday, August 16, 2026
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PCOS_Awareness: महिलाओं में अनचाहे बाल और दाढ़ी-मूंछ उगने के पीछे छिपे हैं गंभीर कारण — जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ

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PCOS_Awareness: नई दिल्ली/रायपुर। ग्रामीण और शहरी अंचलों में अक्सर महिलाओं या युवतियों के चेहरे, ठुड्डी और होंठों के ऊपर पुरुषों की भांति काले व मोटे बाल (दाढ़ी-मूंछ) आने पर सामाजिक गॉसिप और रूढ़िवादी टिप्पणियां शुरू हो जाती हैं। लेकिन चिकित्सा विज्ञान और विधिक स्वास्थ्य संहिताओं के अनुसार, यह कोई सामाजिक विसंगति या अंधविश्वास नहीं, बल्कि एक गंभीर जैविक व चिकित्सीय स्थिति है।

प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा शोध संस्था ‘मेयो क्लिनिक’ (Mayo Clinic) के विधिक आंकड़ों के मुताबिक, महिलाओं के चेहरे, छाती, पेट, पीठ या जांघों पर जरूरत से ज्यादा कड़े और काले बालों का उगना चिकित्सा विज्ञान की भाषा में ‘हिर्सुटिज्म’ (Hirsutism) कहलाता है। यह स्थिति महिला के शरीर के भीतर चल रही विधिक हार्मोनल गड़बड़ियों का एक प्रत्यक्ष बाहरी संकेत होती है।लड़कियों को पीसीओडी के कारण क्यों आती है मूंछ? - Dr Chanchal Sharma

पुरुष हार्मोन ‘एंड्रोजन’ और ‘टेस्टोस्टेरोन’ की विधिक अधिकता है मुख्य वजह

स्त्री रोग विशेषज्ञों और एंडोक्रिनोलॉजिस्ट्स के विधिक मत के अनुसार, हिर्सुटिज्म का सबसे प्राथमिक और मुख्य कारण महिलाओं के शरीर में पुरुष हार्मोन यानी ‘एंड्रोजन’ (Androgen) और विशेषकर ‘टेस्टोस्टेरोन’ (Testosterone) का स्तर सामान्य विधिक मापदंडों से अधिक हो जाना है।

जब इन हार्मोनों की विधिक मात्रा रक्त में बढ़ जाती है, तो महिलाओं के हेयर फॉलिकल्स पुरुषों की तरह व्यवहार करने लगते हैं। कुछ गंभीर मामलों में इसके साथ ही महिलाओं की आवाज का भारी होना, सिर के विधिक बालों का अत्यधिक झड़ना (गंजापन), मुंहासे (एक्ने) बढ़ना, ब्रेस्ट के आकार में कमी आना और मांसपेशियों का पुरुषों की तरह उभरना जैसे विधिक लक्षण भी परिलक्षित हो सकते हैं।

पीसीओएस (PCOS), कुशिंग सिंड्रोम और दवाओं के विधिक दुष्प्रभाव

चिकित्सीय विसर्जन रिपोर्ट्स के अनुसार, हिर्सुटिज्म के पीछे कई अंतर्निहित स्वास्थ्य विसंगतियां छिपी होती हैं, जिन्हें समय रहते पहचानना विधिक रूप से आवश्यक है:

  1. पीसीओएस / पीएएमओएस: सबसे आम वजह पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (जिसे अब पॉलीएंडोक्राइन मेटाबोलिक ओवेरियन सिंड्रोम कहा जाता है) है, जो महिलाओं में विधिक रूप से ओव्यूलेशन और हार्मोन संतुलन को बिगाड़ देता है।

  2. ग्रंथि विकार: कुशिंग सिंड्रोम, जन्मजात एड्रिनल हाइपरप्लासिया या ओवरी एवं एड्रिनल ग्रंथि में होने वाले दुर्लभ विधिक ट्यूमर भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।

  3. औषधीय कारण: कुछ विशेष दवाओं जैसे मिनॉक्सिडिल, डैनाजोल या टेस्टोस्टेरोन सप्लीमेंट्स के विधिक और अनियंत्रित सेवन से भी शरीर पर अतिरिक्त बाल उग आते हैं।Facial Hair: PCOS में चेहरे पर उग रहे हैं अनचाहे बाल? हो सकते हैं ये 5 कारण  | 5 reasons of unwanted facial hair in pcos | Herzindagi

दक्षिण एशियाई मूल की महिलाओं में अधिक विधिक जोखिम, कब लें डॉक्टर की सलाह?

विश्व स्वास्थ्य संगठन और राष्ट्रीय स्वास्थ्य विंग के विधिक डेटा के अनुसार, भूमध्यसागरीय, मध्य-पूर्वी और विशेष रूप से दक्षिण एशियाई (जिसमें भारत भी शामिल है) मूल की महिलाओं में यह समस्या जेनेटिक कारणों से अधिक देखी जाती है। इसके अलावा मोटापा और अस्वस्थ जीवनशैली भी एंड्रोजन के स्तर को बढ़ाकर इस विधिक स्थिति को और अधिक दंडात्मक व गंभीर बना देती है।

यद्यपि हिर्सुटिज्म कोई जानलेवा विधिक बीमारी नहीं है, परंतु इसके कारण महिलाओं में मानसिक तनाव, अवसाद और आत्मविश्वास की विधिक कमी देखी जाती है। चिकित्सा विशेषज्ञों की विधिक सलाह है कि यदि किसी महिला के मासिक धर्म (पीरियड्स) अनियमित हों, चेहरे पर अचानक तेजी से बाल बढ़े रहे हों या आवाज में विधिक परिवर्तन महसूस हो, तो बिना किसी सामाजिक संकोच के तुरंत योग्य गायनेकोलॉजिस्ट से विधिक परामर्श और हार्मोनल मैपिंग टेस्ट कराना चाहिए।

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