जमीन घोटाला मामला, एक ही परिवार के तीन लोग गिरफ्तार

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धमतरी: जिले के मगरलोड थाना क्षेत्र में एक बड़े ज़मीन धोखाधड़ी मामले में तहसीलदार की शिकायत पर पुलिस ने पति-पत्नी और उनके बेटे को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। तहसीलदार मनोज भारद्वाज ने मगरलोड थाने में शिकायत दर्ज कराई कि शोभित उर्फ सुकलाल ने साजिश के तहत फर्जी दस्तावेज़ों के माध्यम से ग्राम पाहंदा की लगभग 0.47 हेक्टेयर कृषि भूमि को चंद्रहास नामक व्यक्ति को ₹19 लाख में बेच दिया। जबकि वह ज़मीन असल में उसके नाम पर नहीं थी। शोभित ने तहसील कार्यालय में नाम परिवर्तन का फर्जी आवेदन दिया और तत्कालीन तहसीलदार की मिलीभगत से जमीन का नाम अपने नाम करवा लिया। बाद में उसने उस ज़मीन को बेचकर आर्थिक लाभ उठाया।

जांच में क्या सामने आया?
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि शोभित ने अपनी पहचान बदलकर खुद को सुकलाल बताया था और भूमि का फर्जी विक्रय पत्र तैयार कर ₹19 लाख की धोखाधड़ी की। पुलिस ने इससे जुड़े सभी बैंक दस्तावेज, रजिस्ट्री पेपर और ऋण पुस्तिकाएं जब्त कर ली हैं।

परिवार की मिलीभगत:
शोभित के परिवार के सदस्य बीरबल साहू, सावित्री साहू और पोषण साहू ने भी इस साजिश में भाग लिया। पूछताछ में उन्होंने माना कि उन्होंने भूमि के नाम में हेरफेर कर योजना के तहत यह धोखाधड़ी की थी। ज़मीन बेचने से मिले पैसों से उन्होंने अमलेश्वर दुर्ग में ज़मीन खरीदी और कर्ज चुकाया।

गिरफ्तार आरोपी:

  1. बीरबल साहू (49 वर्ष)

  2. सावित्री साहू (43 वर्ष)

  3. पोषण साहू (39 वर्ष)

तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड में भेज दिया गया है। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है और अन्य संभावित संलिप्त लोगों की तलाश जारी है।

पिस्टल दिखाते वक्त चली गोली, ऑटो पार्ट्स व्यापारी गंभीर रूप से घायल

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दंतेवाड़ा, 18 अप्रैल 2025 : जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जिसमें एक ऑटो पार्ट्स दुकान के संचालक को पिस्टल से चली गोली लग गई। घायल व्यापारी की हालत नाजुक बनी हुई है और उसे बेहतर इलाज के लिए जगदलपुर के डिमरापाल मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।पुलिस के अनुसार, घटना सुबह लगभग 9:15 बजे की है। जय माजीसा हार्डवेयर के संचालक देवकरण बुरड़ अपनी लाइसेंसी पिस्टल की सफाई के लिए तेल लेने बाजार गया हुआ था। इसी दौरान वह दंतेवाड़ा बाजार क्षेत्र में स्थित ऑटो पार्ट्स की दुकान पर पहुंचे और वहां के संचालक प्रमोद तोमर को पिस्टल दिखा रहे थे। इसी बीच अचानक पिस्टल से फायर हो गया।

गोली सीधे प्रमोद तोमर के पेट में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें दंतेवाड़ा जिला अस्पताल पहुंचाया और पुलिस को सूचना दी। प्रमोद तोमर के पेट से गोली निकाल ली गई है, लेकिन डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जगदलपुर के डिमरापाल मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया है।

दंतेवाड़ा पुलिस ने घटना की पुष्टि की है और बताया है कि मामले की जांच जारी है। पिस्टल लाइसेंसी है या नहीं, और सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया गया, इस बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। प्रारंभिक तौर पर इसे एक दुर्घटनावश गोली चलने का मामला माना जा रहा है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। हार्डवेयर व्यापारी देवकरण बुरड़ से भी पूछताछ की जा रही है।

तीन साल की बच्ची से दुष्कर्म मामला: रेड क्लिफ स्कूल की मान्यता रद्द, कलेक्टर का बड़ा फैसला

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भोपाल, 18 अप्रैल 2025: भोपाल के चर्चित रेड क्लिफ स्कूल में तीन वर्षीय बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए स्कूल की मान्यता रद्द कर दी है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी किए, जिसके तहत अब स्कूल की मान्यता का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। इस फैसले के बाद स्कूल पर ताला लग गया है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि स्कूल संचालन पर पूर्ण रोक लगा दी गई है और आगामी शैक्षणिक सत्र से स्कूल किसी भी प्रकार से संचालित नहीं किया जाएगा।

स्कूल बंद होने के कारण वहां पढ़ रहे 324 छात्रों को अन्य स्कूलों में स्थानांतरित किया जाएगा। इनमें से 54 बच्चे आरटीई (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के तहत थे, जिन्हें नजदीकी सरकारी स्कूलों में समायोजित किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने बच्चों की पढ़ाई सुनिश्चित करने के लिए समन्वय की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। पिछले वर्ष स्कूल में एक शिक्षक द्वारा तीन साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई थी, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था। घटना की शिकायत मिलते ही शिक्षा विभाग ने जांच टीम गठित की थी। रिपोर्ट में स्कूल प्रशासन की गंभीर लापरवाही उजागर हुई।

इसके बाद सरकार ने तत्काल कदम उठाते हुए स्कूल के प्रबंधन को अपने अधीन ले लिया और प्रशासक की नियुक्ति की गई। मध्यप्रदेश में यह पहला मामला था जब किसी निजी स्कूल का संचालन सरकार ने अपने हाथ में लिया हो। डीपीसी ओपी शर्मा के अनुसार, कमला नगर क्षेत्र में स्थित इस स्कूल की गतिविधियों की जांच के लिए दो अलग-अलग टीमें गठित की गई थीं। दोनों रिपोर्टों में स्कूल प्रशासन की ओर से गंभीर सुरक्षा चूक और प्रबंधन की लापरवाही पाई गई। इसके आधार पर कलेक्टर ने स्कूल की मान्यता के नवीनीकरण प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।

प्रशासन की इस कार्रवाई को बाल सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार की ज़ीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा माना जा रहा है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि बच्चों की सुरक्षा के मामलों में किसी भी प्रकार की चूक पर इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी। भोपाल में हुई यह कार्रवाई ना केवल एक आरोपी को न्याय के कठघरे में लाने की प्रक्रिया का हिस्सा है, बल्कि यह संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था के लिए एक चेतावनी है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है।

MP-CG में आयकर विभाग के 17 अफसरों के थोक तबादले, देखें पूरी सूची

भोपाल/रायपुर, 18 अप्रैल 2025 : केंद्रीय वित्त मंत्रालय के निर्देश पर आयकर विभाग में बड़े पैमाने पर तबादलों की लिस्ट जारी की गई है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) द्वारा जारी इस आदेश में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुल 17 वरिष्ठ अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इसके अलावा CBDT के 8 अन्य अधिकारियों का भी अलग से ट्रांसफर किया गया है।

मुख्य तबादले इस प्रकार हैं:

  • अंजू अरोरा (PCIT, भोपाल): एक जोन से दूसरे जोन में ट्रांसफर

  • राहुल रमन (PCIT, इंदौर): एक विंग से दूसरी विंग में स्थानांतरण

  • सुनील कुमार सिंह (रायपुर): रायपुर में ही एक विंग से दूसरी विंग में बदलाव

  • किशोर बी: दिल्ली से भोपाल (PCIT सेंट्रल)

  • प्रदीप हेडाऊ: OSD से इंदौर में चीफ कमिश्नर इनकम टैक्स नियुक्त

  • राजाराम शाह: दिल्ली से उज्जैन में PCIT नियुक्त

  • माया माहेश्वरी: भोपाल से मुंबई में PCIT के रूप में ट्रांसफर

  • सुखवीर चौधरी: गुवाहाटी से ग्वालियर में PCIT

  • मुनीश कुमार: रायपुर में PCIT नियुक्त

  • श्रुजनी मोहंती: भोपाल में ADG पद पर नियुक्त

  • कोलाकलूरी रवि किरण: रायपुर में Principal Director of Income Tax (PDIT)

  • राम तिवारी: रायपुर में Commissioner of Income Tax (CIT)

  • शिंदे सुधाकर नामदेव: भोपाल में Director of Income Tax (DIT)

  • रघुनाथ: भोपाल में CIT पद पर नियुक्त

CBDT के 8 अधिकारियों के भी हुए तबादले:

  • अनूप सिंह: भोपाल

  • योगेश कुमार शर्मा: ग्वालियर

  • श्रवण कुमार मीना: रायपुर से जबलपुर

  • विजय कुमार सिंह: इंदौर से अहमदाबाद

  • भारती महाजन सिंह: भोपाल से भोपाल (विंग में बदलाव)

  • गरिमा चौधरी: भोपाल से कानपुर

  • राजेश कुमार: भोपाल से भोपाल (विंग में बदलाव)

  • रामकुमार यादव: इंदौर से भोपाल

इन तबादलों से दोनों राज्यों में इनकम टैक्स विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा असर पड़ सकता है, खासकर जांच और प्रशासनिक निर्णयों में। छत्तीसगढ़ में हालिया CBI छापों और आयकर जांचों की पृष्ठभूमि में यह फेरबदल बेहद अहम माना जा रहा है।

CBI का बड़ा एक्शन: पूर्व IAS अनिल टुटेजा के घर छापेमारी, नान, कोयला, शराब और महादेव ऐप घोटालों से जुड़ी है कार्रवाई

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रायपुर, 18 अप्रैल 2025 | राजधानी रायपुर में शुक्रवार सुबह एक बार फिर सियासी हलचल मच गई, जब CBI की टीम ने पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा के देवेन्द्रनगर स्थित आवास पर दबिश दी। यह कार्रवाई बहुचर्चित नान घोटाला, कोयला, आबकारी (शराब) घोटाला और महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े मामलों में की जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, CBI की टीम सुबह-सुबह टुटेजा के घर पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया। हालांकि, अब तक किसी भी स्तर पर इस छापेमारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, न ही CBI की ओर से कोई औपचारिक बयान आया है।

गौरतलब है कि अनिल टुटेजा को शराब घोटाले के मामले में दो दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी। वह पिछले एक साल से भी अधिक समय से जेल में बंद थे। जमानत के बाद यह पहली बड़ी कार्रवाई है, जिसने प्रदेश की राजनीति को एक बार फिर गर्मा दिया है।

घोटालों की जड़ में कौन?

अनिल टुटेजा का नाम लंबे समय से छत्तीसगढ़ के बड़े आर्थिक घोटालों से जुड़ता रहा है:

  • नान घोटाला: छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम में करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार।

  • कोयला घोटाला: अवैध परिवहन और रॉयल्टी चोरी से जुड़ा मामला।

  • शराब घोटाला: आबकारी विभाग में अनुचित ठेकों और रिश्वत के आरोप।

  • महादेव ऐप कनेक्शन: अवैध सट्टा ऐप से कथित लिंक और आर्थिक लेनदेन की जांच।

CBI की यह ताजा कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार है और विपक्ष लगातार केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाता रहा है। वहीं भाजपा का दावा है कि ये सभी जांच पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के “भ्रष्टाचार मॉडल” को बेनकाब कर रही हैं। राज्य की राजनीति पर नजर रखने वाले जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में ऐसे और भी बड़े चेहरे जांच के घेरे में आ सकते हैं। CBI की यह रेड केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक पूरे सिस्टम की जांच की ओर इशारा करती है।

CGPSC घोटाले में CBI की छापेमारी: डिप्टी सीएम विजय शर्मा का कांग्रेस पर तीखा हमला – “करप्शन टूरिज्म हुआ था”

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रायपुर: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) घोटाले को लेकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की छापेमारी के बाद प्रदेश की सियासत में एक बार फिर उबाल आ गया है। इस बीच प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रेस को संबोधित करते हुए कांग्रेस सरकार पर करारा हमला बोला और इसे “करप्शन टूरिज्म” करार दिया।

विजय शर्मा ने कांग्रेस पर साधा निशाना

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा —
“क्या कांग्रेस अपने ही मुख्यमंत्री से पूछेगी कि उस समय राज्य में क्या हो रहा था? रिसॉर्ट में बैठकर CGPSC की परीक्षा के प्रश्नपत्र हल कराए जा रहे थे। ऐसे भ्रष्ट उम्मीदवार सिस्टम में घुसकर पूरे विभाग को दीमक की तरह खा जाते हैं। यह सिर्फ एक परीक्षा नहीं, बल्कि लाखों होनहार युवाओं के भविष्य के साथ किया गया मज़ाक था।”

उन्होंने आगे कहा,
“कांग्रेस के शासनकाल में छत्तीसगढ़ ‘करप्शन टूरिज्म’ का हब बन चुका था।”

CBI की कार्रवाई और खुलासों से कांग्रेस पर बढ़ा दबाव

CBI ने हाल ही में CGPSC परीक्षा से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों में कई जगह छापेमारी की, जिसमें परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक, सॉल्वर गैंग की संलिप्तता और राजनीतिक संरक्षण के सुराग सामने आए हैं। मामले में कुछ रिजॉर्ट्स में सॉल्विंग सेशन चलने की जानकारी भी सामने आई है।

नक्सल मुद्दे पर भी दिया बयान

बीजापुर में 22 नक्सलियों की गिरफ्तारी को लेकर विजय शर्मा ने कहा कि नक्सल संगठन दो हिस्सों में बंट चुका है।
उन्होंने बताया—
“पहले जिन लोगों को बंदूक के दम पर नक्सल आंदोलन में शामिल किया गया था, अब वे खुद को स्वतंत्र महसूस कर रहे हैं और स्वेच्छा से मुख्यधारा में लौट रहे हैं। यह छत्तीसगढ़ की सुरक्षा नीति की बड़ी जीत है।”

राजनीतिक विश्लेषण: BJP का आक्रामक रुख, कांग्रेस पर दबाव

CGPSC घोटाले को लेकर जहां कांग्रेस लगातार CBI जैसी एजेंसियों पर राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई का आरोप लगाती रही है, वहीं बीजेपी अब इसे कांग्रेस शासन के “भ्रष्ट चेहरे” के तौर पर प्रचारित कर रही है। विजय शर्मा का बयान साफ संकेत देता है कि भाजपा इस मुद्दे को राजनीतिक हथियार की तरह उपयोग करने को तैयार है।

IPL सट्टेबाजो का भंडाफोड़: दो आरोपी गिरफ्तार, लाखों के सट्टे का खुलासा

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खरगोन (मध्यप्रदेश): आईपीएल क्रिकेट सीज़न के दौरान पूरे देश में सट्टेबाजी गतिविधियाँ तेज हो जाती हैं, और ऐसे ही एक बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट का खुलासा मध्यप्रदेश के खरगोन जिले की मण्डलेश्वर पुलिस ने किया है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापा मारते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और मौके से लाखों रुपये की सट्टा राशि का हिसाब, मोबाइल फोन और एक लैपटॉप भी बरामद किया है। गिरोह का एक सदस्य फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।

दिल्ली और राजस्थान के IPL मैच पर लगाए जा रहे थे दांव

मामला मण्डलेश्वर थाना क्षेत्र का है, जहां ग्रीन पार्क कॉलोनी स्थित एक मकान से ऑनलाइन सट्टा ऑपरेशन चल रहा था। पुलिस को सूचना मिली थी कि IPL 2025 के दिल्ली कैपिटल्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेले जा रहे टी-20 मुकाबले पर हार-जीत के दांव लगाए जा रहे हैं।

सूचना पाकर थाना प्रभारी दीपक यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर दबिश दी और दो व्यक्तियों—पिंटू उर्फ रियाज पिता कमालुद्दीन (उम्र 36 वर्ष, निवासी शास्त्री नगर, जयपुर) और कुतुबुद्दीन पिता कमालुद्दीन (उम्र 42 वर्ष, निवासी ग्रीन पार्क कॉलोनी, मण्डलेश्वर)—को मौके से गिरफ्तार किया।

30 लाख रुपये से अधिक की सट्टेबाजी का हिसाब मिला

छापे के दौरान पुलिस को मौके से एक लैपटॉप, 8 मोबाइल फोन, रजिस्टर व डायरी सहित अन्य सट्टेबाजी से संबंधित दस्तावेज मिले, जिनमें करीब 30 लाख 22 हजार 600 रुपये का सट्टा लेन-देन दर्ज था। यह साफ़ है कि आरोपी एक संगठित गिरोह के तहत कार्य कर रहे थे और बड़े पैमाने पर ऑनलाइन सट्टा गतिविधियों में लिप्त थे।

एक आरोपी फरार, और खुलासे की उम्मीद

थाना प्रभारी दीपक यादव ने बताया कि कार्रवाई के दौरान एक और आरोपी मौके से भाग निकला। पुलिस उसकी पहचान कर चुकी है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने सट्टेबाजी की बात स्वीकार की है और पूछताछ के दौरान अन्य राज्यों से जुड़े नेटवर्क की जानकारी भी मिल सकती है।

साइबर ट्रेसिंग के जरिए मिले सुराग

पुलिस ने यह भी बताया कि इस गिरोह की गतिविधियों पर कुछ दिनों से साइबर ट्रेसिंग के माध्यम से नजर रखी जा रही थी। मोबाइल ऐप्स, व्हाट्सऐप ग्रुप्स और वेबसाइट्स के माध्यम से सट्टेबाजी की जा रही थी। मामले में इलेक्ट्रॉनिक सबूत जुटाने के लिए जब्त किए गए मोबाइल और लैपटॉप की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।

आईपीएल जैसे बड़े खेल आयोजनों के दौरान सट्टेबाजी के मामले बढ़ना कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस तरह की सटीक और तेज कार्रवाई से यह साफ है कि पुलिस ऐसे अवैध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारी और खुलासे हो सकते हैं।

बागी पार्षद बना नेता प्रतिपक्ष मचा बवाल, राजीव भवन में हंगामा और इस्तीफों की बौछार

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रायपुर, 17 अप्रैल 2025। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की अंदरूनी कलह एक बार फिर सतह पर आ गई है। रायपुर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति को लेकर पार्टी में जबरदस्त बवाल मच गया है। कांग्रेस से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले पार्षद आकाश तिवारी को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने से पार्टी के भीतर न केवल नाराजगी पनपी, बल्कि राजीव भवन में जमकर हंगामा भी हुआ।

वार्ड क्रमांक 1 से कांग्रेस पार्षद संदीप साहू अपने समर्थकों के साथ राजीव भवन पहुंचे और प्रदेश प्रभारी महामंत्री मलकित सिंह गैदू के कार्यालय में जोरदार विरोध जताया। संदीप साहू का दावा है कि उन्हें पहले नेता प्रतिपक्ष घोषित किया गया था और इस संबंध में बाकायदा लेटर भी शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा जारी किया गया था।

संदीप साहू का कहना है कि उनकी नियुक्ति प्रदेश कांग्रेस कमेटी की पर्यवेक्षक प्रतिमा चंद्राकर की मौजूदगी में सभी विधायकों व पार्षदों की राय से हुई थी, और इसकी सूचना महापौर एवं नगर निगम आयुक्त को भी दी गई थी। लेकिन बुधवार देर रात कांग्रेस ने अचानक नई सूची जारी कर दी, जिसमें आकाश तिवारी को नेता प्रतिपक्ष और जयश्री नायक को उप नेता प्रतिपक्ष बनाया गया।

पार्टी के इस फैसले से नाराज होकर शहर जिला कांग्रेस के संयुक्त महामंत्री लीलाधर साहू ने तत्काल इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि “पहली बार कांग्रेस ने साहू समाज के व्यक्ति को नेता प्रतिपक्ष बनाया था, लेकिन उसे हटाकर पार्टी विरोधी व्यक्ति को यह पद देना न केवल कार्यकर्ताओं का, बल्कि समाज का अपमान है।” लीलाधर साहू ने चेतावनी दी कि यदि यह निर्णय वापस नहीं लिया गया तो कांग्रेस कार्यकर्ता और साहू समाज मिलकर बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे।

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद से ही कांग्रेस भीतर से कमजोर होती दिख रही है। संगठन में एकजुटता की अपीलें केवल मंचों तक सीमित रह गई हैं, जबकि जमीनी स्तर पर गुटबाजी चरम पर पहुंच चुकी है। रायपुर नगर निगम की यह घटना उसी अंतर्विरोध की एक और मिसाल है।

बागी उम्मीदवार को संगठन में सर्वोच्च विपक्षी पद देना, जबकि निष्ठावान कार्यकर्ताओं की अनदेखी करना – यह कांग्रेस के भीतर चल रहे सियासी समीकरणों और शक्ति संतुलन को उजागर करता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या पार्टी आलाकमान इस फैसले पर पुनर्विचार करता है या गुटीय खींचतान यूं ही और गहराती जाएगी।

200 रुपये को लेकर विवाद में बेटे ने मां की हत्या की, पत्नी भी घायल

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Raipur Crime News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। उरला थाना क्षेत्र के नागेश्वर नगर में एक ई-रिक्शा चालक ने मामूली विवाद में अपनी ही मां की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी बेटे ने सिर्फ कुत्ता खरीदने के लिए 200 रुपये मांगे थे, और जब मां ने पैसे देने से इनकार किया, तो उसने हथौड़ा उठाकर खौफनाक हमला कर डाला।

घटना सोमवार देर शाम की है। आरोपी प्रदीप देवांगन (उम्र 45 वर्ष) ने अपनी 70 वर्षीय मां गणेशी देवी से कुत्ता खरीदने के लिए 200 रुपये की मांग की थी। मां ने जैसे ही मना किया, आरोपी भड़क गया और घर में पड़ी हथौड़ी से उनकी निर्मम पिटाई कर दी। सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण गणेशी देवी को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना की भयावहता यहीं नहीं रुकी। जब आरोपी की पत्नी रामेश्वरी देवांगन (उम्र 35 वर्ष) ने अपनी सास को बचाने की कोशिश की, तो प्रदीप ने उस पर भी हथौड़े से हमला कर दिया। वह बुरी तरह घायल हो गईं और फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना के वक्त घर में मौजूद 15 वर्षीय बेटा पूरी तरह डर गया, लेकिन साहस दिखाते हुए वह तुरंत पास के लोगों को बुलाने दौड़ा। पड़ोसियों की मदद से घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया गया और पुलिस को सूचना दी गई।

आरोपी फरार, तलाश में जुटी पुलिस

हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी प्रदीप देवांगन मौके से फरार हो गया। पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी का व्यवहार अक्सर सनकी जैसा रहा है और उसकी मानसिक स्थिति भी सामान्य नहीं थी।

घटना के बाद नागेश्वर नगर इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इस निर्मम हत्या की निंदा करते हुए आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मनचले की सड़क पर हुई पेशी, छात्रा को परेशान करने पर परिजनों ने की जमकर धुनाई

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मुरैना (मध्यप्रदेश): मध्यप्रदेश के मुरैना जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक को छात्रा को बार-बार फोन कर परेशान करना भारी पड़ गया। युवक की सरेआम पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना पोरसा थाना क्षेत्र के अंतर्गत अटेर रोड की है, जहां छात्रा के परिजनों और स्थानीय लोगों ने युवक को पकड़कर पहले जमकर पिटाई की और फिर सड़क पर घुमाकर उसका जुलूस निकाला।

लगातार फोन कर कर रहा था परेशान

मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक एक छात्रा को बीते कई दिनों से लगातार फोन कर परेशान कर रहा था। शुरुआत में छात्रा ने इस बात को नजरअंदाज किया, लेकिन जब युवक ने उसके मना करने पर धमकी देना शुरू कर दिया, तो उसने यह बात अपने परिवार को बताई। परिजनों ने पहले पूरे मामले की पुष्टि की और फिर युवक को पकड़ने की योजना बनाई।

भीड़ ने मिलकर की पिटाई, फिर निकाला जुलूस

जैसे ही युवक की पहचान हुई, छात्रा के परिजनों ने स्थानीय लोगों की मदद से उसे अटेर रोड पर पकड़ लिया। इसके बाद गुस्साई भीड़ ने बीच सड़क पर युवक की जमकर पिटाई की। यही नहीं, इसके बाद युवक का एक प्रतीकात्मक जुलूस भी निकाला गया, जिसमें उसे गलियों और प्रमुख मार्गों पर घुमाया गया। जुलूस के दौरान लोग आरोपी के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

इस पूरी घटना का वीडियो कुछ लोगों ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवक को घसीटते हुए ले जाया जा रहा है, उसके कपड़े अस्त-व्यस्त हैं और लोग चारों ओर से उस पर फब्तियां कस रहे हैं। यह वीडियो स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि आसपास के इलाकों में भी चर्चा का विषय बन गया है।

पुलिस ने शुरू की जांच, कानूनी कार्रवाई की तैयारी

घटना की जानकारी मिलते ही पोरसा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने बताया कि युवक के खिलाफ छात्रा को परेशान करने, बार-बार फोन करने और धमकी देने जैसे आरोपों की जांच की जा रही है। साथ ही भीड़ द्वारा की गई पिटाई और सड़क पर जुलूस निकालने के मामले को भी गंभीरता से लिया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी पक्षों की बयानबाजी के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी।

कानून अपने हाथ में लेना कितना उचित?

इस घटना ने एक बार फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या भीड़ को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार है? भले ही युवक ने गलत किया हो, लेकिन जिस तरह से उसकी सार्वजनिक पिटाई और जुलूस निकाला गया, वह भी कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े करता है। सोशल मीडिया पर जहां कुछ लोग परिजनों की कार्रवाई को ‘तुरंत न्याय’ मान रहे हैं, वहीं कई यूजर्स इस कृत्य को “भीड़तंत्र” कहकर निंदा कर रहे हैं।