Cyber Awareness Indore Campaign: इंदौर। मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय, भोपाल द्वारा चलाए जा रहे राज्यव्यापी “SAFE CLICK 2.0” अभियान के तहत इंदौर में पुलिस द्वारा व्यापक साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनता को बढ़ते साइबर अपराध, ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों के प्रति जागरूक करना है।
पुलिस ने किया पैदल भ्रमण और जनजागरूकता
Cyber Awareness Indore Campaign: अभियान के तहत इंदौर पुलिस द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पैदल मार्च निकाला गया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने बैनर एवं तख्तियां लेकर लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।यह पैदल भ्रमण सदर बाजार मेन रोड, मराठी मोहल्ला, बड़वाली चौकी और इमली बाजार चौराहा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में किया गया, जहां आम नागरिकों को साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
मोहल्ला समिति की बैठक और जनसंवाद
Cyber Awareness Indore Campaign: SAFE CLICK 2.0 अभियान के तहत मराठी मोहल्ला में मोहल्ला समिति की बैठक भी आयोजित की गई। इस बैठक में पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों से संवाद किया और उन्हें साइबर अपराध से बचाव के उपायों की जानकारी दी।
साइबर अपराधों के प्रति दी गई चेतावनी
Cyber Awareness Indore Campaign: पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को बताया कि आज के समय में साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी और डिजिटल अरेस्ट जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में किसी भी अनजान लिंक, मैसेज या APK फाइल पर क्लिक करना खतरनाक हो सकता है।नागरिकों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी गई कि वे किसी भी अनजान स्रोत से आए मैसेज या लिंक को न खोलें।
हेल्पलाइन 1930 के बारे में दी जानकारी
Cyber Awareness Indore Campaign: अभियान के दौरान पुलिस ने लोगों को यह भी बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर फ्रॉड का शिकार हो जाता है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें और साथ ही राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
पुलिस का संदेश
पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि वे डिजिटल लेन-देन करते समय सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। “SAFE CLICK 2.0” अभियान का उद्देश्य हर नागरिक को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक और सुरक्षित बनाना है।इंदौर पुलिस का कहना है कि इस तरह के जागरूकता अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे ताकि साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।







