Indore Political Controversy: इंदौर। नगर निगम इंदौर में नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी संभालने से ठीक पहले कांग्रेस की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। नव-नियुक्त नेता प्रतिपक्ष सोनीला मिमरोट के पदभार ग्रहण करने से कुछ घंटे पहले ही उनके भाई बादशाह मिमरोट को पंढरीनाथ थाना पुलिस ने देर रात गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद शहर की सियासत पूरी तरह गरमा गई है।
कांग्रेस में ताजपोशी से पहले बड़ा झटका
Indore Political Controversy: सूत्रों के अनुसार, यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब कांग्रेस में नए नेता प्रतिपक्ष के रूप में सोनीला मिमरोट की ताजपोशी की तैयारियां चल रही थीं। अचानक हुई इस कार्रवाई ने पार्टी के भीतर हलचल मचा दी है और राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण हो गया है।
18 जून के प्रदर्शन से जुड़ा है मामला
Indore Political Controversy: पूरा मामला 18 जून को कांग्रेस द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। उस दिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्यसभा नामांकन रद्द होने के विरोध में कलेक्टर कार्यालय के बाहर बिना अनुमति प्रदर्शन किया था।प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस और तनाव की स्थिति बन गई थी। पुलिस का आरोप है कि इस दौरान शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई गई और अभद्र व्यवहार किया गया।
FIR में नेता प्रतिपक्ष का भी नाम
Indore Political Controversy: पंढरीनाथ थाना पुलिस के अनुसार इस मामले में कुल चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, जिनमें नव-नियुक्त नेता प्रतिपक्ष सोनीला मिमरोट का नाम भी शामिल है। इसी केस के सिलसिले में पुलिस ने उनके भाई बादशाह मिमरोट को गिरफ्तार किया है।
कांग्रेस ने बताया राजनीतिक साजिश
Indore Political Controversy: इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है। इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने इस गिरफ्तारी की निंदा करते हुए इसे “राजनीतिक साजिश” बताया है।कांग्रेस का आरोप है कि विपक्ष की आवाज को दबाने और नई नेता प्रतिपक्ष की ताजपोशी से पहले माहौल खराब करने के उद्देश्य से पुलिस का दुरुपयोग किया जा रहा है।
सियासत हुई तेज
Indore Political Controversy: इस पूरे घटनाक्रम के बाद इंदौर की राजनीति में तनाव बढ़ गया है। कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। अब सभी की नजर आगे की पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है।







