VIP culture in Chhattisgarh : रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार दूसरे दिन देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील की है। इसके बाद अब छत्तीसगढ़ में वीआईपी कल्चर और नेताओं के लंबे काफिलों पर सवाल उठने लगे हैं। चर्चा इस बात की हो रही है कि क्या मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि भी ईंधन बचाने के लिए अपने काफिलों में चलने वाली गाड़ियों की संख्या कम करेंगे?
VIP culture in Chhattisgarh : राज्य में अक्सर देखा जाता है कि कई जनप्रतिनिधि जरूरत से ज्यादा गाड़ियों के साथ चलते हैं। कई बार मंत्री और नेताओं के काफिलों में सुरक्षा वाहन, एस्कॉर्ट, निजी स्टाफ, समर्थकों और विभागीय वाहनों को मिलाकर 8 से 10 तक गाड़ियां शामिल रहती हैं, जबकि आवश्यकता इससे काफी कम होती है।
VIP culture in Chhattisgarh : सिर्फ सत्ता पक्ष ही नहीं, बल्कि विपक्ष के नेता और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी बड़े काफिलों के साथ चलते दिखाई देते हैं। कई ऐसे लोग भी लंबा काफिला लेकर चलते हैं जिनके पास कोई सरकारी पद तक नहीं होता।
VIP culture in Chhattisgarh : ईंधन की बढ़ती खपत पर सवाल
VIP culture in Chhattisgarh : वीआईपी मूवमेंट में बड़ी संख्या में गाड़ियों के इस्तेमाल से पेट्रोल-डीजल की खपत लगातार बढ़ रही है। इसका सीधा असर सरकारी खर्च पर भी पड़ रहा है।
VIP culture in Chhattisgarh : राज्य में ईंधन सप्लाई को लेकर दबाव की स्थिति बनने और कई पेट्रोल पंपों पर संकट जैसे हालात के बीच यह मुद्दा और अहम हो गया है। प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि यदि वीआईपी काफिलों में अनावश्यक वाहनों की संख्या घटाई जाए तो हर महीने हजारों लीटर ईंधन बचाया जा सकता है।
VIP culture in Chhattisgarh : पुलिस वाहनों पर ढाई साल में 300 करोड़ का खर्च
VIP culture in Chhattisgarh : विधानसभा के मानसून सत्र 2025 में कांग्रेस विधायक चातुरी नंद के सवाल पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया था कि पिछले ढाई साल में पुलिस वाहनों पर करीब 300 करोड़ रुपए का पेट्रोल-डीजल खर्च हुआ है।
VIP culture in Chhattisgarh : राज्य में वर्तमान में लगभग 22 हजार सरकारी वाहन संचालित हैं, जबकि 66 हजार निजी वाहन किराए पर लेकर सुरक्षा और प्रशासनिक कार्यों में लगाए गए हैं।
VIP culture in Chhattisgarh : आंकड़ों के मुताबिक:
* सरकारी वाहनों पर करीब 130 करोड़ रुपए का ईंधन खर्च
* निजी किराए के वाहनों पर लगभग 170 करोड़ रुपए खर्च हुए
VIP culture in Chhattisgarh : बस्तर में सबसे ज्यादा खर्च
नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में सबसे ज्यादा ईंधन खर्च दर्ज किया गया। यहां ढाई साल में करीब 116 करोड़ रुपए पेट्रोल-डीजल पर खर्च हुए।
* सरकारी वाहनों पर लगभग 45 करोड़ रुपए
* निजी वाहनों पर करीब 71 करोड़ रुपए खर्च हुए
VIP culture in Chhattisgarh : बीजापुर में एक साल के भीतर लगभग 16 करोड़ रुपए का डीजल खर्च सामने आया, जबकि राजधानी रायपुर में वीआईपी ड्यूटी, पेट्रोलिंग और प्रशासनिक गतिविधियों के कारण करीब 8 करोड़ रुपए का ईंधन खर्च हुआ।
VIP culture in Chhattisgarh : अब प्रधानमंत्री की अपील के बाद सवाल यह उठ रहा है कि क्या आम जनता के साथ-साथ जनप्रतिनिधि और सरकारी सिस्टम भी ईंधन बचत की दिशा में ठोस कदम उठाएंगे?









