Tuesday, September 1, 2026
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Burhanpur Overhead Tank : 32 साल पुराने जर्जर ओवरहेड टैंक कभी भी गिर सकता हैं, सैकड़ों लोगों की जान दांव पर…

Burhanpur Overhead Tank
Burhanpur Overhead Tank

Burhanpur Overhead Tank : बुरहानपुर (मध्य प्रदेश)। बुरहानपुर जिले के पातोंडा और बोरगाव पंचायतों में पेयजल आपूर्ति के लिए बनाए गए ओवरहेड टैंक अब एक बड़ी लापरवाही और खतरे का सबब बन चुके हैं। 30 साल की औसत मियाद पार कर चुके ये दोनों टैंक अब 32 साल पुराने हो चुके हैं और इनकी हालत इतनी जर्जर है कि ये कभी भी गिर सकते हैं, जिससे एक बड़ा हादसा होने की आशंका है।

Burhanpur Overhead Tank : पंचायत भवन और स्कूल के ठीक ऊपर मौत का खतरा

पातोंडा गाँव का ओवरहेड टैंक, जो कभी पानी का मुख्य स्रोत था, अब ग्रामीण और खासकर स्कूली बच्चों के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है।

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जर्जर स्थिति : टैंक की दीवारों में साफ दरारें दिख रही हैं, लोहे की छड़ें बाहर निकल आई हैं और ऊपरी ढाँचा पूरी तरह से जर्जर हो चुका है।

चौंकाने वाली लापरवाही : सबसे खतरनाक बात यह है कि इस जर्जर टैंक के ठीक नीचे पंचायत भवन है और पास में ही एक स्कूल भी स्थित है, जहाँ रोज़ाना दर्जनों बच्चे पढ़ाई करने आते हैं।

स्कूल के आचार्य सुरेश सर्यवंशी ने चिंता जताते हुए कहा, “हमने कई बार पंचायत और पीएचई विभाग को इसकी सूचना दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अगर टंकी गिर गई तो बड़ा हादसा हो जाएगा।

प्रशासन की चुप्पी और ग्रामीण परेशान

ग्राम बोरगाव का हाल भी पातोंडा जैसा ही है। सरपंच फिरोज तड़वी ने बताया कि टैंक पूरी तरह जर्जर हो चुका है और पॉलिटेक्निक कॉलेज के कुछ लोग आकर इसका निरीक्षण भी करके गए थे, लेकिन इसके बावजूद न तो इन टंकियों की मरम्मत की गई और न ही नई टंकियाँ बनाई गईं।

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ग्रामीण और सरपंच दोनों प्रशासन से जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके।

पीएचई विभाग के SDO भारत मंडलोई ने इस मामले पर सिर्फ इतना कहा है कि वे टीम भेजकर जाँच करवाएंगे।

सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, और संबंधित विभाग कब जागेगा ताकि इन जर्जर टंकियों को हटाकर पातोंडा और बोरगाव के ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके?

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