Vedanta Power Plant Accident : रायपुर/सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए हादसे ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है। शनिवार को युवा कांग्रेस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस (PC) कर अपनी ‘फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट’ सार्वजनिक की। संगठन ने प्लांट प्रबंधन और प्रशासन पर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे प्रदेश के पावर प्लांटों के सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाए हैं।
लापरवाही और FIR पर सस्पेंस युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा और कुनकुरी नगर पालिका अध्यक्ष विनयशील गुप्ता ने दावा किया कि उनकी जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि हादसे के इतने दिनों बाद भी FIR को सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया? उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की जा रही है और दोषियों को बचाने के लिए कड़े कानूनी कदम नहीं उठाए जा रहे।
शॉर्ट शटडाउन और परमिशन पर सवाल रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हादसे के महज 10 दिन पहले प्लांट में ‘शॉर्ट शटडाउन’ हुआ था। नियमों के मुताबिक, शटडाउन के बाद दोबारा परिचालन शुरू करने के लिए उद्योग विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य है। युवा कांग्रेस ने सरकार से पूछा है कि क्या प्लांट प्रबंधन ने आवश्यक अनुमतियां ली थीं या नियमों को ताक पर रखकर काम शुरू किया गया?
प्रदेशव्यापी सेफ्टी ऑडिट की मांग युवा कांग्रेस ने प्रदेश के सभी पावर प्लांटों के ‘सेफ्टी ऑडिट’ की मांग करते हुए कहा कि केवल मुआवजा देना ही समाधान नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि FIR सार्वजनिक कर दोषियों पर कड़ी धाराओं के तहत कार्रवाई नहीं की गई, तो युवा कांग्रेस सक्ती जिले से रायपुर तक उग्र प्रदर्शन और पदयात्रा करेगी।









