singrauli-cleaners-strike-promises: सिंगरौली नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच अब महापौर रानी अग्रवाल के चुनावी वादे फिर चर्चा में आ गए हैं। हड़ताली कर्मचारियों का आरोप है कि चुनाव के दौरान किए गए कई बड़े वादे अब तक पूरे नहीं हुए, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
कर्मचारियों का कहना है कि चुनाव के समय उनके लिए अलग इंश्योरेंस योजना लागू करने, ड्यूटी के दौरान मौत होने पर 10 लाख रुपये सहायता देने, ठेका प्रथा खत्म करने और ठेका कर्मचारियों का स्थायीकरण करने जैसे वादे किए गए थे। लेकिन इन घोषणाओं का जमीनी असर अब तक दिखाई नहीं दिया।
singrauli-cleaners-strike-promises: ठेका प्रथा बनी बड़ा मुद्दा
सफाई कर्मचारियों का आरोप है कि नगर निगम में वर्षों से काम कर रहे कर्मचारी आज भी ठेका व्यवस्था में काम करने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि अगर समय रहते घोषणाओं पर अमल हुआ होता तो कर्मचारियों को आंदोलन और हड़ताल का रास्ता नहीं अपनाना पड़ता।
कर्मचारियों ने यह भी कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था संभालने वाले कर्मचारियों को आज भी सुरक्षा, स्थायित्व और सामाजिक संरक्षण जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
singrauli-cleaners-strike-promises: निगम प्रशासन ने क्या कहा?
वहीं निगम प्रशासन और महापौर पक्ष का कहना है कि कर्मचारी हित से जुड़े कई प्रस्तावों पर प्रक्रिया जारी है। कुछ मामलों में शासन स्तर से स्वीकृति मिलने में समय लग रहा है। हालांकि अब तक इन वादों के पूर्ण क्रियान्वयन को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
singrauli-cleaners-strike-promises: शहर में दिखने लगा हड़ताल का असर
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर अब शहर की सफाई व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। कई वार्डों में कचरे के ढेर जमा हो रहे हैं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। लगातार फैलती गंदगी के कारण संक्रमण और दुर्गंध की समस्या भी बढ़ने लगी है।
हड़ताली कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों और पुराने चुनावी वादों पर जल्द ठोस फैसला नहीं लिया गया, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।









