शाजापुर (एमपी) Shajapur News : शाजापुर जिले की गुलाना तहसील में तीन साल पुराना एक फर्जीवाड़ा सामने आया है। मामले में भूतपूर्व सैनिक सुनील पिता भागीरथ परमार के नाम पर आवासीय भूखंड के आदेश में तत्कालीन तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल किया गया।
Shajapur News : सूत्रों के अनुसार, 23 मार्च 2016 को आवासीय भूखंड के लिए आवेदन करने वाले सुनील परमार ने 1 जनवरी 2021 को दोबारा आवेदन दिया। पटवारी की रिपोर्ट और विज्ञप्ति प्रकाशन के बाद 26 फरवरी 2021 को उनके नाम भूखंड आवंटित करने का आदेश पारित किया गया, लेकिन बाद में यह पता चला कि आदेश पर तहसीलदार के हस्ताक्षर फर्जी थे।
तत्कालीन कलेक्टर दिनेश जैन ने 5 दिसंबर 2022 को आदेश दिया कि दोषियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया जाए और 26 फरवरी 2021 के फर्जी आदेश को निरस्त किया गया। बावजूद इसके, तीन साल बीत जाने के बाद अब तक FIR दर्ज नहीं हो पाई है।
मामले पर जिला पंचायत सदस्य जगदीश फौजी ने कलेक्टर को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में बताया गया कि सुनील और उनके बड़े भाई हरीश परमार (वकील) के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश कलेक्टर ने जारी किए थे, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज करने की अपील की है।













