Sukma District Administration : सुकमा (06 मार्च 2026): सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड के अंतिम छोर पर बसे करीगुण्डम और निमलगुड़ा गांवों में आज एक अलग ही नजारा देखने को मिला। नदी-नालों और घने जंगलों के बीच रास्ता तय करते हुए कलेक्टर अमित कुमार और एसपी किरण चव्हाण बाइक पर सवार होकर सीधे ग्रामीणों के घरों तक पहुंचे। उनके साथ जिला पंचायत सीईओ मुकुन्द ठाकुर और डीएफओ अक्षय भोंसले भी मौजूद थे।
विकास की चौपाल और त्वरित निर्णय अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाकर न केवल सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की, बल्कि मौके पर ही कई समस्याओं का निराकरण भी किया। युवाओं को रोजगार देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए, कलेक्टर ने शिक्षादूत, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, फड़ मुंशी और सेल्समैन जैसे पदों पर स्थानीय शिक्षित युवाओं को नियुक्त करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए। वहीं, आर्थिक सशक्तिकरण के लिए इमली की खरीदी स्व-सहायता समूहों के माध्यम से करने का निर्णय लिया गया।
बुनियादी सुविधाओं पर फोकस कलेक्टर ने निमलगुड़ा में तालाब गहरीकरण, भूमि समतलीकरण, सड़क और देवगुड़ी निर्माण के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने ग्रामीणों से स्वास्थ्य, राशन वितरण, आयुष्मान कार्ड और आधार कार्ड जैसी बुनियादी सुविधाओं के बारे में विस्तार से संवाद किया। पेयजल और बिजली की समस्याओं पर उन्होंने संबंधित विभागों को तुरंत सुधार कार्य करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
प्रशासनिक संवेदनशीलता का बढ़ा विश्वास सुकमा प्रशासन की इस पहल ने ग्रामीण और जनजातीय समुदायों के मन में शासन के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है। पहली बार अपने गांव में जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों को अपने बीच पाकर ग्रामीण काफी उत्साहित दिखे। इस दौरे से यह संदेश गया है कि छत्तीसगढ़ सरकार का संकल्प ‘अंतिम छोर तक विकास’ केवल कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि धरातल पर भी पूरी निष्ठा के साथ लागू हो रहा है।











