भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित विशेष चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। यह प्रदर्शनी पद्मश्री डॉ. यशोधर मठपाल (वर्ष 2022-23 के डॉ. वाकणकर राष्ट्रीय सम्मान से विभूषित) द्वारा बनाए गए रेखाचित्रों पर आधारित है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का एक अलग अंदाज भी देखने को मिला, जब उन्होंने स्वयं मिट्टी का दिया बनाकर अपनी कलात्मक अभिरुचि और भारतीय संस्कृति के प्रति निष्ठा प्रदर्शित की।
ऐतिहासिक घोषणा: वाकणकर जी को समर्पित होगा रातापानी
मुख्यमंत्री ने महान पुरातत्वविद् डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर के योगदान को अविस्मरणीय बताते हुए घोषणा की कि रातापानी टाइगर रिजर्व अब डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि उज्जैन के समीप शुद्ध समय की गणना और ऐतिहासिक शोध में वाकणकर जी का योगदान विश्व स्तर पर मान्य है।
व्यक्तित्व और प्रतिबद्धता का स्मरण
सीएम ने डॉ. वाकणकर की राजनीतिक दूरदर्शिता और उनके स्वाभिमानी व्यक्तित्व का उल्लेख करते हुए बताया कि आपातकाल के दौर में भी वे अपने विचारों पर अडिग रहे। उन्होंने पद्मश्री सम्मान को अपनी शर्तों पर स्वीकार किया और संघ की टोपी पहनकर राष्ट्रपति से सम्मान ग्रहण किया, जो उनके दृढ़ निश्चय का प्रतीक है।
प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण
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रेखाचित्र: डॉ. यशोधर मठपाल द्वारा बनाए गए ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के चित्र।
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अवलोकन: मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी के हर हिस्से का बारीकी से निरीक्षण किया और संस्कृति विभाग के प्रयासों की सराहना की।













