Raipur Municipal Corporation: रायपुर निगम में ‘यूजर चार्ज’ पर सियासी घमासान: 2022 में भाजपा ने किया था विरोध, अब कांग्रेस ने खोला कड़ा मोर्चा

VIKASH KHALKHO

Raipur Municipal Corporation: रायपुर। रायपुर नगर निगम द्वारा संपत्ति कर के साथ यूजर चार्ज (डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण शुल्क) बढ़ाए जाने का मामला अब छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बड़ा और गर्मागर्म मुद्दा बन गया है। इस फैसले के खिलाफ मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने जहां एक तरफ सड़कों पर उतरकर मोर्चा खोल दिया है, वहीं दूसरी तरफ राजधानी के आम नागरिकों और व्यापारी वर्ग में भी नगर निगम प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का साफ तौर पर कहना है कि जब शहर के अधिकांश वार्डों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त नहीं है और कचरा संग्रहण बेपटरी है, तब जनता की जेब पर अतिरिक्त शुल्क का बोझ डालना किसी भी दृष्टिकोण से न्यायसंगत नहीं है।

सियासत का चक्रव्यूह: 2022 में जो भाजपा ने किया, 2026 में वही कांग्रेस कर रही

दिलचस्प बात यह है कि इस मुद्दे पर रायपुर नगर निगम में सियासत का गणित पूरी तरह बदल गया है। साल 2022 में जब नगर निगम में कांग्रेस की परिषद सत्ता में थी, तब भाजपा ने यूजर चार्ज और संपत्ति कर बढ़ाने का सदन से लेकर सड़क तक जोरदार विरोध किया था।

  • 15 मार्च 2022 का वो हंगामा: उस समय मौजूदा महापौर मीनल चौबे खुद नेता प्रतिपक्ष थीं। सामान्य सभा की शुरुआत होते ही भाजपा पार्षदों ने डायस और आसंदी का घेराव करते हुए भारी नारेबाजी और हंगामा किया था, जिसके बाद भाजपा के आठ पार्षदों को निलंबित भी कर दिया गया था। उस दौरान तत्कालीन राज्यपाल अनुसुईया उइके के संबोधन के बाद भी कुर्सियों पर कार्यकर्ताओं के बैठने को लेकर बड़ा विवाद हुआ था और सभा स्थगित करनी पड़ी थी। आज ठीक चार साल बाद इतिहास खुद को दोहरा रहा है, बस फर्क इतना है कि अब विरोध की कमान कांग्रेस के हाथों में है।

पक्ष-विपक्ष के दावे और जनता की बुनियादी समस्याएं

इस पूरे विवाद में दोनों ही राजनीतिक दलों के अपने-अपने प्रशासनिक तर्क हैं, जबकि जमीनी हकीकत जनता की जेब और सफाई व्यवस्था से जुड़ी है:

पक्ष / संगठन मुख्य चेहरा प्रमुख तर्क व स्टैंड
विपक्ष (कांग्रेस) आकाश तिवारी (नेता प्रतिपक्ष) शहर के कई इलाकों में कचरे के ढेर लगे हैं। जब तक हर घर से नियमित कचरा कलेक्शन सुनिश्चित न हो, तब तक अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना जनता के साथ अन्याय है। परिषद इस पर तुरंत पुनर्विचार करे।
सत्ता पक्ष (भाजपा) मीनल चौबे (महापौर) यह प्रक्रिया नई नहीं है। वर्ष 2022 में तत्कालीन कांग्रेस परिषद ने ही नियमों और राजपत्र का हवाला देकर इसे मंजूरी दी थी। डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाली कंपनी के साथ भुगतान का अनुबंध भी कांग्रेस शासनकाल का ही है।
व्यापारी वर्ग अशोक पटेल (स्थानीय व्यापारी) शहर में कई जगहों पर नियमित सफाई नहीं हो रही है। निगम के सफाई कर्मचारी खुद समय-समय पर हड़ताल पर चले जाते हैं। पहले सुविधाएं 100% सुधारी जाएं, उसके बाद ही टैक्स बढ़ाया जाए।
आम नागरिक प्रतीक तिवारी व हीरालाल आज के दौर में पेट्रोल-डीजल से लेकर रोजमर्रा की चीजें महंगी हैं। आमदनी बढ़ नहीं रही है और निगम लगातार नए शुल्क थोप रहा है, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों का बजट बिगड़ रहा है।

महापौर का कबूलनामा और दावा: महापौर मीनल चौबे ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है कि वर्तमान में शहर में 100 प्रतिशत डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण नहीं हो पा रहा है। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्ष 2025 में होने वाले इस संशोधन को रोक कर रखा गया था, पर अब शासन के निर्देशों पर मामूली बढ़ोतरी की गई है। निगम का मुख्य फोकस शुल्क वसूलने से ज्यादा कचरा संग्रहण करने वाली एजेंसी की सख्त मॉनिटरिंग कर सफाई व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करना है।

कांग्रेस का तेलीबांधा तालाब पर हस्ताक्षर अभियान, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

यूजर चार्ज में की गई इस बढ़ोतरी के विरोध में शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने मोर्चा खोलते हुए गुरुवार को रायपुर के प्रसिद्ध तेलीबांधा तालाब (मरीन ड्राइव) के पास एक विशाल हस्ताक्षर अभियान (Signature Campaign) चलाया। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि इस अभियान में सैकड़ों आम नागरिकों, युवाओं और व्यापारियों ने स्वतः स्फूर्त होकर हिस्सा लिया और बढ़ती महंगाई व यूजर चार्ज के खिलाफ अपने हस्ताक्षर दर्ज किए। बाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इन हस्ताक्षरित फ्रेम को नगर निगम मुख्यालय के मुख्य गेट के सामने लगाकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। विपक्ष ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि नगर निगम प्रशासन और राज्य शासन इस जनविरोधी टैक्स बढ़ोतरी के फैसले को तत्काल वापस नहीं लेता है, तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन और चक्काजाम किया जाएगा।

Share The News
Share This Article
विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *