निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : फिल्म अभिनेता प्रकाश राज एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। रामायण पर की गई उनकी टिप्पणी के बाद उनके खिलाफ हिंदू धर्म की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाते हुए आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। सोशल मीडिया पर भी इस बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान प्रकाश राज ने रामायण की कथा को अपने अंदाज में प्रस्तुत किया। उन्होंने राम, लक्ष्मण और सीता के दक्षिण की ओर जाने का जिक्र करते हुए एक काल्पनिक संवाद सुनाया, जिसमें फल खाने, जमीन के मालिकाना हक और ‘चोरी’ जैसे मुद्दों को जोड़ा गया।उनकी इस व्याख्या को कई लोगों ने धार्मिक ग्रंथों की गलत प्रस्तुति बताते हुए आपत्ति जताई है।
बयान में क्या कहा गया?
प्रकाश राज ने कहानी में राम और लक्ष्मण के बीच बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि भूख लगने पर फल खाना गलत नहीं है। इसके बाद उन्होंने शूर्पणखा और रावण को “आदिवासी” बताते हुए कथा को आगे बढ़ाया।
इतना ही नहीं, उन्होंने इस प्रसंग को जीएसटी और नॉर्थ-साउथ बहस से जोड़ते हुए व्यंग्यात्मक अंदाज में पेश किया, जिसे लेकर विवाद और गहरा गया।
लोगों में आक्रोश, सोशल मीडिया पर विरोध
इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया पर विरोध की लहर दौड़ गई। कई यूजर्स ने इसे धार्मिक भावनाओं का अपमान बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की।कुछ संगठनों ने भी एक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बढ़ सकती हैं कानूनी मुश्किलें
कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो प्रकाश राज को आगे और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और संबंधित वीडियो व अन्य साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।
पहले भी विवादों में रहे हैं प्रकाश राज
यह पहली बार नहीं है जब प्रकाश राज अपने बयानों को लेकर विवादों में आए हों। इससे पहले भी वे कई राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर बोलते रहे हैं, जिस वजह से कई बार उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा है।











