Akodia Theft Case: अकोदिया/शाजापुर। शाजापुर जिले के अकोदिया नगर में हुई अब तक की सबसे बड़ी चोरी की वारदात का खुलासा 20 दिन बाद भी नहीं हो सका है। पूर्व विधायक केदार सिंह मंडलोई और पूर्व पार्षद राहुल मंडलोई के निवास पर हुई इस सनसनीखेज चोरी में चोर करीब ₹32 लाख नकद और ₹50 लाख से अधिक के सोने-चांदी के आभूषण लेकर फरार हो गए थे। कुल मिलाकर करीब ₹82 लाख से ज्यादा की इस बड़ी चोरी ने पूरे जिले को हिलाकर रख दिया था, लेकिन इतने दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ कोई ठोस सफलता नहीं लग पाई है।
Akodia Theft Case: इस हाई-प्रोफाइल चोरी के बाद पुलिस विभाग पूरी तरह सक्रिय नजर आया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे थे और जांच के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया था। पुलिस की स्पेशल टीम, डॉग स्क्वॉड, फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट, साइबर सेल और तकनीकी जांच दल को आरोपियों की तलाश में लगाया गया था।
Akodia Theft Case: जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, मोबाइल टावर लोकेशन और डंप डेटा का विश्लेषण किया, संदिग्धों से पूछताछ की और कई संभावित एंगल पर जांच आगे बढ़ाई। इसके बावजूद अब तक पुलिस चोरी की इस बड़ी वारदात का खुलासा करने में सफल नहीं हो सकी है।
Akodia Theft Case: घटना के बाद से स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि जिले की सबसे बड़ी चोरी होने के बावजूद पुलिस अभी तक किसी आरोपी तक नहीं पहुंच सकी है। इससे कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
Akodia Theft Case: वहीं पीड़ित परिवार अब भी न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है। परिवार का कहना है कि इतनी बड़ी रकम और जेवरात चोरी होने के बाद भी पुलिस को कोई बड़ी सफलता नहीं मिलना चिंता का विषय है। लोगों का मानना है कि यदि इतने बड़े मामले में भी आरोपियों तक नहीं पहुंचा जा सकता, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।
Akodia Theft Case: इस मामले को लेकर शुजालपुर एसडीओपी निमेष देशमुख का कहना है कि पुलिस लगातार कई दिशाओं में जांच कर रही है। कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और उन पर गहनता से काम किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
Akodia Theft Case: हालांकि 20 दिन का लंबा समय बीत जाने के बावजूद किसी आरोपी की पहचान सार्वजनिक न होना, कोई गिरफ्तारी न होना और चोरी गए सामान की बरामदगी न होना पुलिस की जांच पर कई सवाल खड़े कर रहा है। अब पूरे क्षेत्र की नजर इस बात पर टिकी है कि आखिर पुलिस इस हाई-प्रोफाइल चोरी का खुलासा कब तक कर पाती है और करोड़ों की संपत्ति लेकर फरार हुए शातिर चोर कब कानून के शिकंजे में आते हैं।









