Jabalpur Fraud Case: जबलपुर। शहर में धोखाधड़ी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां किडनी बेचने और लोन दिलाने के नाम पर दो भाई-बहन के साथ कथित तौर पर लाखों रुपये की ठगी किए जाने का आरोप लगा है। आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान पीड़ित भाई-बहन न्याय की उम्मीद लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
Jabalpur Fraud Case: जानकारी के अनुसार कांचघर निवासी मनोज शुक्ला और उनकी बहन शिल्पा शुक्ला लंबे समय से कथित धोखाधड़ी और आर्थिक शोषण का सामना कर रहे हैं। पीड़ितों का आरोप है कि कुछ लोगों ने उन्हें किडनी बेचने और आर्थिक मदद दिलाने का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया। इस दौरान उनके नाम पर बैंक से करीब साढ़े चार लाख रुपये का लोन भी स्वीकृत करा लिया गया, लेकिन लोन की राशि उन्हें नहीं मिली।
Jabalpur Fraud Case: पीड़ितों का कहना है कि आरोपियों ने विश्वास में लेकर उनसे कई ब्लैंक चेक भी ले लिए। आरोप है कि इन्हीं चेकों के माध्यम से उनके बैंक खातों से लगातार राशि निकाली जा रही है। स्थिति यह हो गई कि दोनों भाई-बहन अपनी पेंशन तक नहीं निकाल पा रहे हैं, क्योंकि खाते से पैसा पहले ही निकल चुका होता है।
Jabalpur Fraud Case: बताया जा रहा है कि लगातार आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव के चलते दोनों भाई-बहन बेहद परेशान हो गए थे। उन्होंने अपनी पीड़ा सामाजिक संगठन “मानवाधिकार क्रांति” की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. गीता पांडे को बताई। डॉ. पांडे ने उन्हें आत्मघाती कदम न उठाने की सलाह दी और न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
Jabalpur Fraud Case: इसके बाद डॉ. गीता पांडे अपने संगठन के पदाधिकारियों के साथ पीड़ितों को लेकर एसपी कार्यालय पहुंचीं। यहां उन्होंने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
Jabalpur Fraud Case: डॉ. पांडे का आरोप है कि मुख्य आरोपी और उसके सहयोगियों ने खुद को पत्रकार और सरकारी अधिकारी बताकर पीड़ितों का विश्वास जीता और फिर उनके साथ धोखाधड़ी की। उन्होंने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो मामले को मानवाधिकार आयोग और उच्च पुलिस अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा।
Jabalpur Fraud Case: फिलहाल पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आश्वासन दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और आरोपियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।









