Patna Students Protest : पटना। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के कार्यालय के बाहर शुक्रवार को सैकड़ों अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया, जिसे नियंत्रित करने के लिए पटना पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। ये अभ्यर्थी 13 दिसंबर को प्रस्तावित 70वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा में संभावित नॉर्मलाइजेशन को लेकर विरोध कर रहे थे।
हालांकि BPSC के सचिव सत्य प्रकाश शर्मा ने स्पष्ट किया है कि आयोग की ओर से नॉर्मलाइजेशन को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि अगर नॉर्मलाइजेशन लागू किया जाना होता, तो इसकी सूचना परीक्षा विज्ञापन या अलग से नोटिस के माध्यम से दी जाती।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि चूंकि परीक्षा एक ही पाली में हो रही है, ऐसे में नॉर्मलाइजेशन की कोई आवश्यकता नहीं है। उनके अनुसार जब सभी अभ्यर्थियों के लिए प्रश्नपत्र समान है, तो कठिनाई स्तर में अंतर जैसी कोई स्थिति नहीं बनती, जिससे नॉर्मलाइजेशन का औचित्य भी नहीं रह जाता।
अभ्यर्थियों ने मांग की कि परीक्षा उसी पारंपरिक तरीके से होनी चाहिए जैसे पहले होती रही है, जिससे निष्पक्षता और पारदर्शिता बनी रहे। इस प्रदर्शन को छात्र नेताओं का भी समर्थन मिला।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए BPSC सचिव ने कहा कि यह प्रदर्शन गुमराह करने वाला है और इसमें शामिल लोग गंभीर अभ्यर्थी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आयोग को अफवाहों पर सफाई देने की कोई आवश्यकता नहीं है। सचिव ने यह भी कहा कि सामान्यत: केवल एक प्रतिशत अभ्यर्थी ही सफल होते हैं और जो अभ्यर्थी सच में तैयारी कर रहे हैं, वे ऐसे प्रदर्शनों में शामिल नहीं होते।
गौरतलब है कि BPSC की 70वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा 13 दिसंबर 2024 को राज्य के 925 केंद्रों पर एक ही पाली में आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में लगभग 4.80 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा का प्रवेश पत्र शुक्रवार को आयोग की वेबसाइट पर जारी कर दिया गया है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर से प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और भरोसे को लेकर उठ रहे सवालों को उजागर किया है। अभ्यर्थियों का मानना है कि परीक्षा प्रक्रियाओं में स्पष्टता और संवाद की कमी युवाओं में असंतोष और भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है। इस बीच, विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन किया है, जिससे यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी सुर्खियों में आ गया है।













