Nepal Violence : नेपाल | नेपाल में सोशल मीडिया पर लगे प्रतिबंध के खिलाफ शुरू हुआ Gen-Z युवाओं का विरोध प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है, भले ही सरकार ने 8 अक्टूबर को सोशल मीडिया को बहाल कर दिया हो। प्रदर्शनकारी अभी भी सड़कों पर हैं, और उनकी मांग सरकार को पूरी तरह से बदलने की है।
Nepal Violence : काठमांडू में तनावपूर्ण हालात
राजधानी काठमांडू में मंगलवार को भी हालात तनावपूर्ण बने रहे। कर्फ्यू के बावजूद, हजारों युवा संसद भवन के सामने और कलंकी समेत अन्य इलाकों में जमा होकर प्रधानमंत्री केपी ओली के खिलाफ नारे लगा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने सूचना एवं संचार मंत्री के घर में आग लगा दी, उन पर सोशल मीडिया पर बैन लगाने का आरोप लगाया। इस घटना के बाद पुलिस ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास किया।
Nepal Violence
कृषि मंत्री का इस्तीफा: सरकार को बड़ा झटका
प्रधानमंत्री केपी ओली की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। गृह मंत्री के बाद अब कृषि मंत्री रामनाथ अधिकारी ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोमवार को हुई हिंसक घटनाओं और सरकार के दमनकारी रवैये का विरोध करते हुए यह कदम उठाया। अधिकारी का इस्तीफा सरकार के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि इससे मंत्रिमंडल के भीतर की असहमति सबके सामने आ गई है।
सेना के पूर्व कर्नल ने की सरकार भंग करने की मांग
इस बीच, नेपाल आर्मी के रिटायर्ड कर्नल माधव सुंदर खड़गा ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने मौजूदा सरकार को तुरंत भंग करने की मांग की है। कर्नल खड़गा ने आरोप लगाया कि उनका बेटा प्रदर्शन के दौरान लापता हो गया था, और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट की। उन्होंने राष्ट्रपति से मौजूदा सरकार के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की है।
नेपाल में युवाओं का यह विरोध प्रदर्शन अब केवल सोशल मीडिया बैन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भ्रष्टाचार और सरकार के दमनकारी नीतियों के खिलाफ एक व्यापक आंदोलन का रूप ले चुका है।











