LPG Crisis Gas Cylinder Shortage : देशभर में एलपीजी का ‘कोटा’ संकट: सप्लाई में 25% की कटौती, रविवार की बंदी से बिगड़ेंगे हालात

VIKASH KHALKHO

LPG Crisis Gas Cylinder Shortage : रायपुर: वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव—खासकर अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच के संघर्ष—का सीधा असर अब देश की रसोई तक पहुंच गया है। छत्तीसगढ़ सहित देशभर में एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत के चलते हाहाकार मचा हुआ है। गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें लग रही हैं और उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए औसतन 5 दिन तक का इंतजार करना पड़ रहा है।

सप्लाई में 25% की भारी कटौती: सूत्रों के मुताबिक, गैस कंपनियों ने एजेंसियों के लिए अब ‘कोटा’ तय कर दिया है। इसका असर यह है कि जिन एजेंसियों को पहले 10,000 सिलेंडर मिलते थे, अब उन्हें केवल 7,500 सिलेंडर ही उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यानी सप्लाई में सीधे तौर पर 20 से 25 प्रतिशत की कटौती की गई है। कंपनियों ने साफ कर दिया है कि किसी भी हाल में तय कोटे से अधिक सिलेंडर नहीं दिए जाएंगे, जिससे डिस्ट्रीब्यूटर्स के सामने सप्लाई मैनेजमेंट की चुनौती खड़ी हो गई है।

संडे की बंदी से बढ़ेगा दबाव: स्थितियां और भी गंभीर होने की आशंका है क्योंकि देशभर के एलपीजी बॉटलिंग प्लांट रविवार को बंद रहने वाले हैं। एक दिन की बंदी के कारण सप्लाई चेन पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा, जिससे बैकलॉग और बढ़ने की संभावना है। कई वितरण केंद्रों पर जहां रोजाना 2,500 सिलेंडर की मांग है, वहां मात्र 500 सिलेंडर ही पहुंच पा रहे हैं।

आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता, आम जनता परेशान: गैस कंपनियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि स्कूल, अस्पताल, धार्मिक संस्थान और सेना/सीआरपीएफ कैंटीन जैसी आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी जाए। इस प्राथमिकता के कारण सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की उपलब्धता और भी कम हो गई है, जिससे ‘वेटिंग’ का समय 5 से 6 दिनों तक पहुंच गया है। सरकार और तेल कंपनियां स्थिति को नियंत्रित करने का दावा तो कर रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर सीमित सप्लाई और बढ़ती मांग के बीच आम जनता का धैर्य जवाब देने लगा है।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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